हिसार में किन्नरों के दो गुटों की भिड़ंत, बंटी महाराज घायल

हिसार के भारत नगर में किन्नरों के दो गुट भिड़े। बंटी महाराज घायल हुए और तीन गाड़ियों के शीशे टूटे। दोनों पक्षों ने सुपारी और हमले के आरोप लगाए। पुलिस जांच कर रही है।

हिसार में किन्नरों के दो गुटों की भिड़ंत, बंटी महाराज घायल
  • हिसार में किन्नरों के दो गुट फिर भिड़े, बंटी महाराज घायल

  • तीन गाड़ियों के शीशे तोड़े गए, सुपारी देकर हमला कराने के आरोप

  • दोनों पक्षों ने आरोप-प्रत्यारोप लगाए, पुलिस जांच में जुटी



हरियाणा के हिसार में किन्नरों के दो गुटों के बीच एक बार फिर टकराव हो गया। भारत नगर क्षेत्र में बुधवार को हुए इस विवाद में बंटी महाराज के गुट ने दूसरे पक्ष पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। संघर्ष के दौरान बंटी महाराज पेट में तेजधार हथियार से घायल हो गए, जबकि दूसरे पक्ष की तीन गाड़ियों के शीशे टूट गए। पूरे मामले को लेकर दोनों पक्षों ने थाने में हंगामा किया और कार्रवाई की मांग उठाई।

हमले में घायल हुआ किन्नर के एक गुट का गुरु बंटी महाराज।

जानकारी के अनुसार पहला गुट बधाई मांगने भारत नगर पहुंचा था, तभी दूसरे गुट को इसकी भनक लग गई और वे तीन गाड़ियों में भरकर वहां पहुंच गए। बताया जा रहा है कि पहला गुट पहले से ही तैयार बैठा था और दोनों पक्षों में टकराव शुरू हो गया। संघर्ष के दौरान बंटी महाराज घायल हो गए।

बंटी महाराज पर हमले के बाद थाने में पहुंचकर हंगामा करते किन्नर।

बंटी महाराज गुट ने आरोप लगाया कि 5 लाख रुपए की सुपारी देकर हमला कराया गया है। उन्होंने दावा किया कि गुंडों ने हथियार दिखाकर हमला किया और कहा कि वे एसपी-डीएसपी से नहीं डरते। उनका कहना है कि पहले भी राजगुरु मार्केट और अग्रसेन कॉलोनी में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन के कहने पर समझौता कर लिया गया था।

दूसरे गुट की गुरु शोभा नेहरू की कार पर हमला कर तोड़ा गया शीशा।

दूसरी ओर शोभा नेहरू गुट ने कहा कि उन पर लगाए गए सुपारी देने और जानलेवा हमले के आरोप झूठे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी गाड़ियों पर ही हमला किया गया है और बंटी महाराज ने खुद अपने पेट पर कट लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें फोन कर बुलाया गया था और जब वे मौके पर पहुंचे तो वहां लाठी-डंडों और रॉड के साथ दर्जनों लोग खड़े थे, जिन्होंने उनकी गाड़ियों पर हमला किया।

सब्जी मंडी चौकी प्रभारी बिजेंद्र ने बताया कि बंटी महाराज को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के लिए वे निजी अस्पताल चली गईं। फिलहाल किसी भी गुट ने लिखित शिकायत नहीं दी है और बयान दर्ज किए जाने हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।