पाकिस्तान जासूसी केस: यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा ने हिसार सेशन कोर्ट में लगाई जमानत याचिका
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा ने हिसार सेशन कोर्ट में नियमित जमानत याचिका दाखिल की। वकील का दावा—चार्जशीट में कोई ठोस सबूत नहीं, कई रिकॉर्ड छिपाए गए।
➤यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा ने पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों में सेशन कोर्ट में नियमित जमानत याचिका दायर की
➤वकील कुमार मुकेश ने कहा — चार्जशीट में कोई ठोस सबूत नहीं
➤अधूरी चार्जशीट और आईएसआई एजेंटों से बातचीत छिपाने के आरोप
हरियाणा के हिसार में पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा ने अब सेशन कोर्ट में नियमित जमानत की अर्जी लगाई है। उनके वकील कुमार मुकेश ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों का चार्जशीट में कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं है।
वकील ने बताया कि कोर्ट से अभी जमानत अर्जी की सुनवाई की तारीख नहीं मिली, जिसकी उम्मीद शाम तक है। यह मामला अब ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट से सेशन कोर्ट में ट्रांसफर हो चुका है। अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को सत्र न्यायालय में होगी, जिसमें ज्योति को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जाएगा।
ज्योति मल्होत्रा पर ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट और देशद्रोह की धाराएं लगाई गई थीं। वकील का कहना है कि पुलिस ने अब तक कोई ऐसा दस्तावेज नहीं दिखाया जिससे यह सिद्ध हो सके कि ज्योति ने किसी विदेशी एजेंसी को गोपनीय जानकारी साझा की हो।
इस मामले में पुलिस ने पहले ही चार्जशीट 14 अगस्त को दाखिल की थी, जो करीब 2500 पेज की थी। बताया जाता है कि इसमें कई बड़े खुलासे थे, लेकिन पुलिस ने पूरी चार्जशीट की कॉपी वकील को देने से इनकार कर दिया था। वकील ने कोर्ट से शिकायत की, जिसके बाद 16 सितंबर को संशोधित चार्जशीट उन्हें सौंपी गई।
सूत्रों का दावा है कि चार्जशीट से आईएसआई एजेंट दानिश और ज्योति के बीच बातचीत का पूरा रिकॉर्ड हटा दिया गया है। पुलिस ने कोर्ट में यह कहते हुए एप्लिकेशन दी थी कि ये जानकारियां “संवेदनशील नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ी हैं”, इसलिए इन्हें साझा नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह दलील स्वीकार कर ली थी।
वकील कुमार मुकेश का कहना है कि वे अब पूरी चार्जशीट की स्टडी कर रहे हैं और इसके बाद रिविजन पिटिशन दाखिल करेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जो रिपोर्ट दी है, उसमें कई विरोधाभास और अस्पष्ट बातें हैं, जबकि किसी भी कॉल रिकॉर्ड या दस्तावेज से यह साबित नहीं होता कि ज्योति मल्होत्रा ने पाकिस्तान के लिए जासूसी की हो।
मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी। अदालत में इस बात पर बहस होगी कि क्या ज्योति को न्यायिक हिरासत से जमानत दी जा सकती है या नहीं।
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