हिसार की जुड़वां बहनों का कमाल: HPSC में टॉप-5, एक साथ बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर
हिसार की जुड़वां बहनें पुष्पा और पूनम बिश्नोई ने HPSC असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में टॉप-5 में स्थान हासिल कर परिवार और प्रदेश का नाम रोशन किया।
➤ हिसार की पुष्पा पहले और पूनम पांचवें स्थान पर चयनित
➤ नर्सरी से पोस्ट ग्रेजुएशन तक साथ पढ़ीं, अब अलग-अलग यूनिवर्सिटी से PhD
➤ भाई IFS अधिकारी, 23 साल में 15 परीक्षाएं पास कर चुका है
हरियाणा के हिसार जिले से एक प्रेरक और गर्व से भर देने वाली कहानी सामने आई है, जहां जुड़वां बहनों पुष्पा और पूनम बिश्नोई ने एक साथ बड़ी सफलता हासिल की है। हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (HPSC) द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में दोनों बहनों ने टॉप-5 में जगह बनाई है। बड़ी बहन पुष्पा ने पहला स्थान, जबकि छोटी बहन पूनम ने पांचवां स्थान हासिल किया है। महज 26 वर्ष की उम्र में दोनों बहनों की यह उपलब्धि न केवल परिवार बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है।
खास बात यह है कि पुष्पा और पूनम ने नर्सरी से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक पूरी पढ़ाई एक ही कक्षा में पूरी की है। पढ़ाई के हर पड़ाव पर दोनों ने एक-दूसरे का साथ निभाया। वर्तमान में दोनों PhD कर रही हैं, हालांकि शोध के लिए उन्हें अलग-अलग विश्वविद्यालयों का चयन करना पड़ा। पुष्पा कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में डॉ. महासिंह पूनिया के मार्गदर्शन में शोध कर रही हैं, जबकि पूनम महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक में डॉ. कृष्णा जून के निर्देशन में PhD कर रही हैं। दोनों के बीच महज तीन सेकेंड का उम्र का अंतर है, लेकिन मेहनत और सफलता में दोनों एक-दूसरे की बराबरी करती नजर आती हैं।
परिवार की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी इस सफलता की मजबूत नींव रही है। पिता हंसराज खीचड़ हिसार में शिक्षा विभाग में असिस्टेंट ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों की पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दी। सरकारी नौकरी से पहले उन्होंने LIC एजेंट के रूप में भी काम किया, ताकि बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाया जा सके। हंसराज ने बताया कि उनके पिता का बचपन में ही निधन हो गया था, ऐसे में यहां तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था।
माता सिलोचना, जो स्वयं सातवीं पास हैं, का योगदान भी बेहद अहम रहा। परिवार के अनुसार बच्चों की पढ़ाई, अनुशासन और संस्कारों में मां की भूमिका निर्णायक रही। गांव में संयुक्त परिवार का माहौल रहा, जहां बच्चों को सहयोग और प्रेरणा मिलती रही।
शैक्षणिक उपलब्धियों की बात करें तो पुष्पा और पूनम शुरू से ही मेधावी रही हैं। दोनों ने मंडी आदमपुर के व्यापार मंडल विश्वास स्कूल से स्कूली शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद एफजीएम कॉलेज, आदमपुर से बीए और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, दिल्ली से हिंदी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। स्कूल के दिनों में दोनों बहनों ने भारत जानो प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान हासिल किया था। 12वीं कक्षा में पूनम स्कूल टॉपर रहीं, जबकि पुष्पा तीसरे स्थान पर थीं।
इतना ही नहीं, नेट-जेआरएफ परीक्षा में भी दोनों बहनों ने शानदार प्रदर्शन किया। वर्ष 2025 में पुष्पा ने ऑल इंडिया पहला रैंक, जबकि पूनम ने छठा स्थान प्राप्त किया था। अब असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के बाद दोनों का लक्ष्य शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण योगदान देना है।
परिवार की उपलब्धियां यहीं नहीं रुकतीं। दोनों बहनों के बड़े भाई आशीष बिश्नोई वर्तमान में जम्मू में IFS अधिकारी हैं। पिता हंसराज के अनुसार, आशीष ने 23 साल की उम्र में 15 अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाएं पास की थीं। वे UPSC, CDS, NDA (पांच बार), SSC CGL, हरियाणा सब इंस्पेक्टर, असिस्टेंट कमांडेंट, IB, रेलवे और अन्य परीक्षाएं क्लियर कर चुके हैं, हालांकि कई पदों के लिए उन्होंने डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन नहीं कराया।
पुष्पा और पूनम की इस उपलब्धि पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी बधाइयों का सिलसिला जारी है। आदमपुर के पूर्व विधायक भव्य बिश्नोई ने सोशल मीडिया के माध्यम से दोनों बहनों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत और लगन ने गांव, समाज और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
Akhil Mahajan