हिसार मंडियों में पहुंचे कृषि मंत्री, बायोमेट्रिक को बताया शुद्धता के लिए जरूरी; 48 घंटे में भुगतान के निर्देश
हिसार मंडियों के निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बायोमेट्रिक सिस्टम को पारदर्शिता के लिए जरूरी बताया और किसानों के भुगतान व व्यवस्थाओं पर बड़े निर्देश दिए।
➤ हिसार मंडियों का दौरा कर कृषि मंत्री ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा
➤ बायोमेट्रिक सिस्टम को बताया पारदर्शिता और शुद्धता के लिए जरूरी
➤ हाईवे जाम पर बोले—मंडियों को मिली राहत, जल्द होगा समाधान
हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने शनिवार को हिसार की अनाज मंडियों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने किसानों और आढ़तियों से सीधा संवाद किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार अप्रैल माह में सभी मंत्री और विधायक फील्ड में जाकर मंडियों का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता है कि खरीद प्रक्रिया पूरी तरह सुचारू और पारदर्शी बनी रहे।
मंडी व्यवस्थाओं को लेकर राणा ने बताया कि बारदाना, उठान और भुगतान की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। उन्होंने कहा कि फसल खरीद के बाद 48 घंटे के भीतर किसानों के खातों में भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट सिस्टम को लेकर उठ रहे सवालों पर मंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था पारदर्शिता और असली किसान की पहचान सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है। उन्होंने बताया कि यदि किसी किसान को फिंगरप्रिंट में समस्या आती है, तो वह पोर्टल पर अधिकृत व्यक्ति का नाम जोड़ सकता है। इसके अलावा ओटीपी सहित अन्य विकल्प भी उपलब्ध कराए गए हैं।
किसानों के हाईवे जाम पर प्रतिक्रिया देते हुए राणा ने कहा कि यह कदम किसान यूनियनों के आह्वान पर उठाया गया है और उनके अपने संगठनात्मक ढांचे के तहत आंदोलन किए जाते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस जाम से मंडियों को कुछ राहत मिली है, क्योंकि लगातार बारिश के चलते फसल का उठान प्रभावित हुआ था और मंडियां पहले से भरी हुई थीं। इस अंतराल से प्रशासन को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का समय मिला।
मंत्री ने भरोसा जताया कि सरकार किसानों के साथ संवाद के जरिए जल्द ही समाधान निकाल लेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान करना है।
मंडी व्यवस्थाओं में सुधार के लिए सरकार द्वारा जियो-फेंसिंग और गेट पास सिस्टम लागू किए जाने का भी जिक्र किया गया। राणा ने कहा कि इन व्यवस्थाओं से पारदर्शिता बढ़ी है और गड़बड़ी की संभावनाएं काफी हद तक कम हुई हैं।
मौसम के असर पर उन्होंने कहा कि हल्की बारिश फसलों के लिए फायदेमंद होती है, जबकि आंधी और ओलावृष्टि नुकसान पहुंचाती है। इस बार मौसम अपेक्षाकृत अनुकूल रहने से उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मंत्री ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले भी कृषि कानूनों को लेकर गलत जानकारी फैलाई गई थी।
अंत में राणा ने कहा कि सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर समस्या का समाधान मौके पर ही करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
Akhil Mahajan