पाकिस्तान के लिए जासूसी आरोप में बंद यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की डिफॉल्ट बेल पर आज कोर्ट का फैसला
हिसार कोर्ट आज पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में बंद यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की डिफॉल्ट बेल पर फैसला सुनाएगा। चार्जशीट, गोपनीय डेटा और मीडिया ब्रीफिंग को लेकर पुलिस और बचाव पक्ष में विवाद बना हुआ है।
➤ पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में बंद यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की डिफॉल्ट बेल पर आज हिसार कोर्ट का फैसला
➤ पुलिस और बचाव पक्ष की 4 एप्लिकेशनों पर भी आएगा कोर्ट का निर्णय
➤ चार्जशीट की कॉपी, गोपनीय डेटा और मीडिया ब्रीफिंग को लेकर पुलिस और वकील आमने-सामने
हरियाणा के हिसार में पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की डिफॉल्ट बेल याचिका पर आज कोर्ट फैसला सुनाएगा। इस मामले में बहस पूरी हो चुकी थी, लेकिन 2 सितंबर को सुनवाई के बाद फैसला टाल दिया गया था। अब कोर्ट ने 3 सितंबर की तारीख तय की है और इसके साथ ही ज्योति को 10 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश भी दिए गए हैं।
आज कोर्ट ज्योति केस से जुड़ी कुल 4 एप्लिकेशनों पर भी निर्णय देगा। इनमें से 3 पुलिस की तरफ से और 1 बचाव पक्ष की ओर से लगाई गई है। पुलिस ने चार्जशीट की कॉपी को लेकर एतराज जताते हुए मांग की थी कि कुछ संवेदनशील हिस्से वकील को न दिए जाएं। पुलिस ने दलील दी कि पंचकूला सीएफएल का डेटा और पाक एजेंटों के साथ हुई कथित चैट को सार्वजनिक करना देश की सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हो सकता है। साथ ही, पुलिस ने मीडिया ब्रीफिंग पर भी रोक लगाने की मांग की।
दूसरी ओर, बचाव पक्ष के वकील कुमार मुकेश ने इन एप्लिकेशनों को अवैध बताते हुए कहा कि चार्जशीट देने से रोकने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि पुलिस ने जांच अधूरी रहते हुए चार्जशीट दाखिल कर दी है, इसलिए ज्योति को डिफॉल्ट बेल दी जानी चाहिए।
यह मामला तब से चर्चा में है जब ज्योति की चार्जशीट को लेकर 25 अगस्त को विवाद खड़ा हो गया था। पुलिस ने उसी दिन लगातार 3 एप्लिकेशन दाखिल की थीं और चार्जशीट के कुछ हिस्से साझा करने से इंकार कर दिया था।
हिसार पुलिस ने ज्योति को 15 मई को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत केस दर्ज है। उस पर जासूसी, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और संवेदनशील जानकारी साझा करने जैसे गंभीर आरोप हैं।
ज्योति मल्होत्रा पर शक तब गहराया जब उसने 2024 में महज दो महीने के भीतर पाकिस्तान और चीन की यात्राएं कीं। 17 अप्रैल से 15 मई 2024 तक वह पाकिस्तान में रही और इस दौरान उसने पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ से मुलाकात कर उनका इंटरव्यू भी किया। इसके बाद 10 जून को चीन गई और करीब एक महीने वहां रही। ज्योति की गतिविधियों और यात्राओं को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने गंभीरता से जांच की और इसी आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया।
अब सभी की निगाहें हिसार कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि ज्योति को डिफॉल्ट बेल मिलेगी या वह जेल में ही रहेगी।