यूक्रेन में फंसे हरियाणा के युवकों का वॉट्सऐप कराया डिलीट, फेसबुक से भेजा मैसेज, तीन दिन बाद भेजा जाएगा युद्ध पे
यूक्रेन में फंसे हरियाणा-पंजाब के युवकों के मोबाइल से वॉट्सऐप डिलीट करवा दिया गया। परिजन विदेश मंत्रालय, रूस एंबेसी से संपर्क कर युवकों को युद्ध से बचाने की गुहार लगा रहे हैं।
➤ यूक्रेन में फंसे हरियाणा-पंजाब के युवकों का मोबाइल से वॉट्सऐप डिलीट कराया गया
➤ परिवार विदेश मंत्रालय, रूस एंबेसी व हरियाणा सरकार से मदद की गुहार लगा रहा
➤ युवकों ने वीडियो भेज कर युद्ध में भेजे जाने की चेतावनी दी
हरियाणा-पंजाब के युवक रूस में फंसे, वॉट्सऐप डिलीट करवाई गई
यूक्रेन युद्ध के बीच हरियाणा और पंजाब के कुछ युवक रूस में फंसे हुए हैं। युवकों ने अपने परिजनों को वॉट्सऐप के माध्यम से वीडियो भेजकर मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन अचानक रूसी सेना को इस बात का पता चल गया। इसके बाद उनके मोबाइल से वॉट्सऐप डिलीट करवा दिया गया। युवकों में से विजय ने इंस्टाग्राम के जरिए बताया कि उन्हें तीन दिन बाद युद्ध में शामिल करने के लिए ले जाया जाएगा। परिजनों की चिंता इस बात को लेकर लगातार बढ़ती जा रही है कि उनका बेटा जबरन युद्ध में भेजा जाएगा।
परिवार द्वारा दिल्ली व चंडीगढ़ में मदद की गुहार
परिवार ने अपने दोनों फंसे हुए युवकों अंकित जांगड़ा व विजय पूनिया के लिए लगातार मदद की गुहार लगाई। उन्होंने दिल्ली में रूस एंबेसी, रक्षा मंत्रालय व विदेश मंत्रालय के दरवाजे खटखटाए हैं ताकि बेटे को वापस लाया जा सके। वहीं चंडीगढ़ में हरियाणा सरकार से भी इस मामले में तेजी से कदम उठाने की अपील की जा रही है। परिवार के मुताबिक वह हर संभव माध्यम से मदद मांग रहे हैं।
युवक द्वारा भेजे गए वीडियो में मदद की गुहार
हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गांव कुम्हारिया निवासी अंकित व विजय ने अपने परिजनों को चार वीडियो भेजे। वीडियो में उन्होंने बताया कि उनके पास केवल 2-3 दिन बचे हैं, उसके बाद उन्हें युद्ध में शामिल कर दिया जाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो लोग इस इलाके से युद्ध के लिए जा रहे हैं, वे कभी वापस नहीं लौटते। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पहले 13-14 साथी इसी तरह भेजे जा चुके हैं, जो बाद में मारे जा चुके हैं।
स्टडी व बिजनेस वीजा पर गए थे युवक
अंकित जांगड़ा और विजय पूनिया स्टडी व बिजनेस वीजा के माध्यम से रूस गए थे। अंकित ने फरवरी 2025 में मॉस्को के एमएसएलयू कॉलेज में लेंग्वेज कोर्स में दाखिला लिया था। वहीं विजय पूनिया जुलाई 2024 में स्टडी वीजा पर रूस गया था। वीजा एक्सटेंड नहीं हुआ तो मार्च 2025 में वापस आ गया। इसके बाद जुलाई 2025 में एक साल का बिजनेस वीजा बनवाकर दोबारा रूस गया। परिजनों का आरोप है कि एक महिला एजेंट ने लालच देकर इन्हें रूस में फंसा दिया।
जबरन रूसी सेना में भर्ती कर युद्ध के लिए भेजने की साजिश
परिजनों का दावा है कि भारतीय युवकों को नौकरी दिलाने के बहाने रूसी सेना में भर्ती कर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में भेजा जा रहा है। युवक वर्तमान में रूस-यूक्रेन सीमा से करीब 300 किलोमीटर दूर जंगल में अंडरग्राउंड बंकर में कैद हैं। उनके ऊपर कमांडो तैनात किए गए हैं और यदि कोई भागने की कोशिश करता है, तो जान से मारने की धमकी दी जाती है। पहले से ही उनके साथ रह रहे पांच अन्य युवक की मौत हो चुकी है।
विदेश मंत्रालय ने किया रूसी अधिकारियों से संवाद
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया को बताया कि केंद्र सरकार ने रूसी अधिकारियों से भारतीय नागरिकों की जबरन भर्ती के मामले पर चर्चा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे किसी भी प्रस्ताव से दूर रहने की अपील की गई है और प्रभावित परिवारों से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस घातक प्रथा को समाप्त करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।
परिजनों का दर्दनाक संघर्ष
अंकित व विजय के परिवार का कहना है कि उन्होंने लगातार मिनिस्ट्री, पुलिस व अन्य अधिकारियों से संपर्क कर मदद मांगी। उन्होंने बताया कि एक युवक ने कॉल कर महिला एजेंट से पूछा तो महिला ने उन्हें कह दिया कि दोनों युवक मर चुके हैं और उनका नंबर ब्लॉक कर दिया। परिवार इस असमंजस में है कि उनका बेटा जीवित है या नहीं।
कुल मिलाकर यह मामला हरियाणा-पंजाब के युवाओं की सुरक्षा और मानवीय संकट को उजागर करता है। केंद्र सरकार द्वारा रूसी अधिकारियों से वार्ता जारी है और परिजनों की मदद करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। लेकिन अभी भी युवकों की सुरक्षा व उनके जल्द सुरक्षित लौटने का कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।