हरियाणा के विधायक अब फाइव स्टार होटल में ठहर सकेंगे

हरियाणा के विधायकों को अब सरकारी दौरों पर फाइव स्टार होटल में ठहरने की अनुमति मिल गई है। मेट्रो और गैर मेट्रो शहरों के लिए नया किराया तय किया गया है।

हरियाणा के विधायक अब फाइव स्टार होटल में ठहर सकेंगे
  • हरियाणा के विधायक अब फाइव स्टार होटल में ठहर सकेंगे
  • मेट्रो शहरों में 12 हजार और गैर मेट्रो में 9 हजार तक किराया मंजूर
  • पूर्व विधायकों को हर महीने 10 हजार अतिरिक्त यात्रा भत्ता


हरियाणा के विधायकों को अब सरकारी दौरों के दौरान फाइव स्टार होटलों में ठहरने की अनुमति मिल गई है। विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी नए नियमों के अनुसार, मेट्रो शहरों में विधायक 12 हजार रुपए प्रतिदिन और गैर मेट्रो शहरों में 9 हजार रुपए प्रतिदिन तक के होटल कमरे का खर्च ले सकेंगे।

यह सुविधा केवल उन्हीं विधायकों को मिलेगी, जो विधानसभा समितियों के सदस्य के रूप में आधिकारिक दौरे पर जाएंगे। पहले यह सीमा 5 हजार रुपए प्रतिदिन थी, जिसे अब बढ़ाकर करीब 168 प्रतिशत कर दिया गया है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ठहरने के खर्च में यह बढ़ोतरी बढ़ती महंगाई और जनप्रतिनिधियों के पद व गरिमा को ध्यान में रखते हुए की गई है। प्रोटोकॉल के तहत विधायकों को कई मामलों में राज्य के मुख्य सचिव से भी ऊपर स्थान दिया जाता है।

हरियाणा के विधायकों को वर्तमान में हर महीने करीब 2.25 लाख रुपए वेतन मिलता है। इसके अलावा, उन्हें बैठकों के लिए आने जाने पर 18 रुपए प्रति किलोमीटर यात्रा भत्ता और सालाना 3 लाख रुपए तक का यात्रा खर्च भी दिया जाता है।

विधानसभा सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि अब चंडीगढ़ और अन्य बड़े शहरों में मौजूद महंगे होटलों के किराए को देखते हुए यह संशोधन जरूरी हो गया था, क्योंकि फाइव स्टार होटलों में एक दिन का कमरा 9 हजार से 12 हजार रुपए तक का होता है।

सरकार ने यह संशोधन हरियाणा विधानसभा सदस्यों के वेतन और भत्तों से जुड़े नियमों में किया है। नए नियमों को हरियाणा विधानसभा सदस्यों को भत्ते संशोधन नियम, 2025 नाम दिया गया है, जिसे 22 दिसंबर को विधानसभा में संशोधित किया गया।

नियमों के अनुसार, यदि किसी विधायक को हरियाणा भवन या सरकारी गेस्ट हाउस में कमरा उपलब्ध नहीं होता है, तो उसे निजी होटल में ठहरने से पहले लिखित रूप में यह बताना होगा कि सरकारी आवास में कमरा नहीं मिला।

सरकार ने पूर्व विधायकों को भी बड़ी राहत दी है। नए नियमों के तहत पूर्व विधायकों की पेंशन, महंगाई भत्ता और यात्रा भत्ते पर लगी एक लाख रुपए की सीमा हटा दी गई है। अब करीब 550 पूर्व विधायक हर महीने 10 हजार रुपए तक यात्रा भत्ता ले सकेंगे।