हरियाणा में खरीफ फसलों की खरीद शुरू, जानें शेड्यूल तय

हरियाणा सरकार ने खरीफ 2025-26 सीजन के लिए मूंग, अरहर, उड़द, मूंगफली, तिल, सोयाबीन और नाइजरसीड की खरीद का शेड्यूल तय किया। उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज, खासकर मूंग और तिल की खेती में।

हरियाणा में खरीफ फसलों की खरीद शुरू, जानें शेड्यूल तय

हरियाणा में खरीफ दलहन और तिलहन की खरीद व्यवस्था तय
23 सितंबर से मूंग की खरीद 38 मंडियों में शुरू
तिल की खेती दोगुनी, उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की उम्मीद


हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बुधवार को राज्य की 100 से अधिक मंडियों में खरीफ दलहन और तिलहन की खरीद और उत्पादन की समीक्षा की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि 2025-26 विपणन सत्र में सभी फसलों की खरीद तय शेड्यूल और निर्धारित मंडियों में की जाएगी। किसानों को बिना परेशानी उपज बेचने की सुविधा मिले, इसके लिए खरीद, भंडारण और बारदाने की उपलब्धता पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने साफ कहा कि किसानों को लंबी लाइनों और कागजी झंझट से बचाना प्राथमिकता होगी। मंडियों में समय पर बारदाना उपलब्ध कराया जाएगा और भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव पंकज अग्रवाल ने बताया कि इस साल उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।

कब और कहाँ होगी खरीद

सरकार ने मूंग की खरीद 23 सितंबर से 15 नवंबर 2025 तक 38 मंडियों में शुरू कर दी है। इसके बाद अरहर और उड़द की खरीद दिसंबर 2025 में होगी। मूंगफली की खरीद 1 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक 7 मंडियों में चलेगी। वहीं, तिल की खरीद दिसंबर 2025 में 27 मंडियों के जरिए की जाएगी। इसके अलावा सोयाबीन की खरीद अक्टूबर और नाइजरसीड की खरीद नवंबर 2025 में क्रमशः 7 और 2 मंडियों में होगी।

मूंग के उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

पिछले साल यानी 2024-25 में हरियाणा में मूंग का रकबा 1.09 लाख एकड़ था, जो इस बार 2025-26 में बढ़कर 1.47 लाख एकड़ हो गया है। उपज भी 300 किलो से बढ़कर 400 किलो प्रति एकड़ हो गई है। इससे उत्पादन 32,715 मीट्रिक टन से उछलकर 58,717 मीट्रिक टन तक पहुंचने की संभावना है।

तिल की खेती दोगुनी से भी ज्यादा

इस बीच तिल की खेती ने भी किसानों को उत्साहित किया है। पिछले साल 800 एकड़ से बढ़कर इस साल 2,116 एकड़ में तिल की बुआई हुई है। अनुमान है कि उत्पादन बढ़कर 446 मीट्रिक टन तक पहुंच जाएगा। अरहर और उड़द में मामूली वृद्धि दर्ज हुई है।