हरियाणा में विस्‍फोटकों की बरामदगी की मामला : यूएसए में बैठे गैंगस्टर के इशारे पर पाकिस्तान से भेजे गए थे विस्‍फोटक

हरियाणा STF ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया। पाकिस्तान से आए ग्रेनेड–IED बरामद, आरोपी ने बताया—यूएसए में बैठे गैंगस्टर के निर्देश थे।

हरियाणा में विस्‍फोटकों की बरामदगी की मामला  : यूएसए में बैठे गैंगस्टर के इशारे पर पाकिस्तान से भेजे गए थे विस्‍फोटक

➤हरियाणा STF ने एक बड़े हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया
➤विदेशी पिस्टल–IED/ग्रेनेड पाकिस्तान से आए; निशाना हो सकता था बड़ा आतंकवादी हमला
➤यूएसए में बैठे गैंगस्टर के इशारे और भागीदारों की जांच जारी


हरियाणा में हैंडग्रेनेड की बरामदगी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। विशेष जांच टीम (STF) ने 25 नवंबर को मेरठ से संदिग्ध अपराधी अमर सिंह उर्फ “मुछ” को गिरफ्तार किया था, जिसके पास से विदेशी पिस्टल, IED और हैंड ग्रेनेड बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि यह हथियार–विस्फोटक पाकिस्तान से मंगवाए गए थे और उन्हें यूएसए में बैठे गैंगस्टर के इशारे पर भारत लाया गया। अहले-हवा के मुताबिक, ये हथियार पंजाब के प्लेटफार्म से हरियाणा लाए गए थे।

STF के अनुसार, संदिग्ध ने बताया कि विस्फोटक गिरोह से जुड़े लोग इन हथियारों को सिर्फ रोजमर्रा के अपराधों के लिए नहीं बल्कि संभावित बड़े हमलों के लिए भारत में फेंकना चाहते थे। आरोपी अमर सिंह का संबंध उस गैंग से है, जिसका सरगना विदेश भाग चुका है; STF अब उन नेटवर्क कड़ी को भी ट्रेस कर रही है।

पुलिस टीम ने GT रोड के पास सीएचडी सिटी के सामने विस्फोटक छिपाने की जानकारी मिलने पर तीन घंटे की सर्च के बाद विस्फोटकों को बरामद कर सुरक्षित रूप से डिस्पोज किया। इससे समय रहते वे एक बड़े हादसे को टालने में सफल रहे।

जांच में यह भी पता चला कि यह नेटवर्क अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन रखता है — यानी हथियारों की सप्लाई, रूट मैप और भुगतान तंत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित हो रहा था। STF अब पूरा गैंग और उसकी कट्टर संरचना जानने की कोशिश कर रही है, ताकि पता चले कि इन विस्फोटकों को किस घटना/स्थान के लिए भेजा गया था।

रिमांड पर लिए गए आरोपी से पूछताछ जारी है, और पुलिस उसकी बैंकिंग, फोन रिकॉर्ड, सोशल मीडिया, और अंतरराष्ट्रीय लिंक की भी पड़ताल कर रही है।

विशेष पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि ऐसे हथियार समय रहते न पकड़े जाते, तो राज्य में भय और अशांति फैलाने की कोशिश की जा सकती थी।