हरियाणा में सफाई संकट पर हाईकोर्ट सख्त,कांग्रेस MLA की PIL पर होगी सुनवाई
हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से बिगड़े हालात को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में PIL दायर हुई है। सरकार ने यूनियन के साथ अहम बैठक बुलाई है।
हरियाणा में सफाई संकट को लेकर हाईकोर्ट पहुंचा मामला
कांग्रेस MLA की PIL पर 14 मई को होगी सुनवाई
12 दिन से जारी हड़ताल खत्म कराने के लिए सरकार ने बुलाई बैठक
हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बिगड़ती सफाई व्यवस्था अब अदालत तक पहुंच गई है। प्रदेश के कई शहरों में कूड़े के बढ़ते ढेर और स्वच्छता संकट को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका यानी PIL दायर की गई है।
याचिका में राज्य के शहरी इलाकों में तुरंत सफाई व्यवस्था बहाल करने, जमा कचरा हटाने और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने तत्काल सुनवाई की अनुमति दे दी है। अब इस मामले की सुनवाई 14 मई को होगी।
यह याचिका कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया की ओर से दायर की गई है। याचिका में सिरसा समेत हरियाणा के कई शहरों की खराब सफाई व्यवस्था का जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया है कि जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं।
याचिका में राज्य सरकार, नगर निगमों, नगर परिषदों, नगर पालिकाओं और स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए निर्देश जारी करने की मांग की गई है। साथ ही महामारी जैसी स्थिति रोकने के लिए तत्काल स्वास्थ्य उपाय लागू करने की अपील भी की गई है।
उधर, प्रदेश सरकार ने भी बढ़ते संकट को देखते हुए सफाई कर्मचारी यूनियनों के साथ अहम बैठक बुलाई है। यह बैठक बुधवार सुबह 11 बजे हरियाणा निवास में होगी। इसमें शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल यूनियन प्रतिनिधियों के साथ सीधे बातचीत करेंगे।
पिछले 12 दिनों से जारी हड़ताल के कारण राज्य के नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में सफाई कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई शहरों में बाजारों, कॉलोनियों और सड़कों पर कूड़े के ढेर लग चुके हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गर्मी के मौसम में बढ़ते कचरे के कारण दुर्गंध और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय निकायों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है और आम लोग जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।
सरकार का कहना है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालकर सफाई व्यवस्था जल्द बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में कर्मचारियों की लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
सफाई कर्मचारी यूनियन लंबे समय से कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, समान काम के लिए समान वेतन, निजीकरण का विरोध और सेवा शर्तों में सुधार जैसी मांगों को लेकर आंदोलन कर रही है।
यूनियन नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि सरकार और कर्मचारियों के बीच होने वाली यह बैठक गतिरोध खत्म करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
अब आम जनता की नजर हाईकोर्ट की सुनवाई और सरकार-यूनियन बैठक पर टिकी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि जल्द कोई समाधान निकलने से शहरों में सफाई व्यवस्था सामान्य हो सकेगी।
pooja