गुजरात के गवर्नर आचार्य देवव्रत ने कुरुक्षेत्र में चलाई साइकिल

गुजरात के गवर्नर आचार्य देवव्रत ट्रेन से कुरुक्षेत्र पहुंचे और रेलवे स्टेशन से गुरुकुल तक साइकिल चलाई। उन्होंने तेल बचत के लिए हवाई यात्रा छोड़ने का ऐलान किया।

गुजरात के गवर्नर आचार्य देवव्रत ने कुरुक्षेत्र में चलाई साइकिल

गुजरात के गवर्नर आचार्य देवव्रत ट्रेन से कुरुक्षेत्र पहुंचे

रेलवे स्टेशन से गुरुकुल तक करीब 3 किलोमीटर साइकिल चलाई

बोले- तेल संकट सामान्य होने तक बस, ट्रेन और साइकिल से करूंगा सफर


कुरुक्षेत्र में रेलवे स्टेशन से साइिकल पर गुरुकुल की तरफ जाते गवर्नर आचार्य देवव्रत। - Dainik Bhaskar

हरियाणा के कुरुक्षेत्र में गुरुवार को एक अलग तस्वीर देखने को मिली, जब गुजरात के गवर्नर आचार्य देवव्रत रेलवे स्टेशन से साइकिल चलाकर गुरुकुल कुरुक्षेत्र पहुंचे। उनकी यह सादगी और संदेश लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।

गवर्नर आचार्य देवव्रत अपनी पत्नी दर्शना देवी के साथ दिल्ली से ट्रेन के जरिए कुरुक्षेत्र पहुंचे थे। रेलवे स्टेशन पर गुरुकुल स्टाफ ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे स्टेशन से करीब 3 किलोमीटर तक साइकिल चलाकर गुरुकुल पहुंचे।

इस दौरान उनकी सिक्योरिटी टीम भी साइकिल पर उनके साथ चलती नजर आई। उनके काफिले में केवल दो गाड़ियां शामिल थीं और दोनों इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV गोल्फ कार्ट) थीं।

कुरुक्षेत्र में साइकिल चलाते हुए गुजरात के गवर्नर आचार्य देवव्रत।

मीडिया से बातचीत में आचार्य देवव्रत ने कहा कि उन्होंने फैसला लिया है कि जब तक तेल की स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक वे हवाई जहाज और हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उनकी यात्राएं अब ट्रेन, बस और साइकिल से होंगी।कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरते गवर्नर आचार्य देवव्रत।

उन्होंने कहा कि उनके काफिले में अब तीन से ज्यादा गाड़ियां नहीं रहेंगी। उनका मानना है कि तेल संकट के दौर में हर नागरिक को ईंधन बचाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

गवर्नर ने कहा कि एशिया और दुनिया के कई हिस्सों में लंबे समय से तनाव और युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। इसका असर तेल आपूर्ति पर पड़ा है और भारत में तेल आयात प्रभावित हुआ है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री के तेल बचत संबंधी आह्वान को अपनाना जरूरी है।

आचार्य देवव्रत ने स्वदेशी अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम करनी होगी, ताकि देश आर्थिक रूप से और मजबूत बन सके। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन की भी सराहना की।

उन्होंने बताया कि वे ट्रेन से कुरुक्षेत्र आए हैं और वापसी भी ट्रेन से ही करेंगे। गांवों में रात्रि प्रवास के दौरान वे सरकारी स्कूलों और अनुसूचित जाति-जनजाति परिवारों में रुकते हैं।

बाजार से साइकिल पर जाते गवर्नर आचार्य देवव्रत।

गवर्नर ने कहा कि वे जनसभाओं के जरिए लोगों को पशुपालन, गौ आधारित खेती, नशामुक्ति, स्वच्छता और बच्चों में संस्कारों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल फोटो खिंचवाने तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का प्रयास है।

आचार्य देवव्रत ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि देश हर साल यूरिया पर करीब ढाई लाख करोड़ रुपए खर्च करता है। यदि किसान रासायनिक खेती छोड़ प्राकृतिक खेती अपनाएं तो धरती, पानी और पर्यावरण को बचाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से कैंसर, हार्ट अटैक, डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को भी कम किया जा सकता है।