विधानसभा में हरी जैकेट बनाम भगवा पग, किसानों पर छाई राजनीति, जानें क्या हुआ विंटर सेशन के पहले दिन
हरियाणा विधानसभा विंटर सेशन के पहले दिन कांग्रेस विधायक हरी जैकेट में पहुंचे, CM भगवा पग में नजर आए। सदन में किसानों और गुरु तेगबहादुर शहीदी दिवस पर चर्चा हुई।
- विंटर सेशन के पहले दिन कांग्रेस के 5 विधायक हरी जैकेट पहनकर सदन पहुंचे
- CM नायब सैनी भगवा पग में नजर आए, किसानों और परंपरा पर दिखा राजनीतिक संदेश
- प्रश्नकाल से गुरु तेगबहादुर शहीदी दिवस तक गरमाई विधानसभा की कार्यवाही
- हरियाणा विधानसभा के विंटर सेशन का पहला दिन, 8 विधेयक पेश
- कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार, 19 दिसंबर को होगी चर्चा
- सदन में किसानों और पानी की समस्या पर तीखी बहस, वॉकआउट तक हालात पहुंचे
हरियाणा विधानसभा के विंटर सेशन के पहले दिन सदन में राजनीति के साथ प्रतीकों की भी चर्चा रही। मुख्यमंत्री नायब सैनी जहां भगवा पग बांधकर सदन पहुंचे, वहीं कांग्रेस के पांच विधायक हरे रंग की जैकेट पहनकर विधानसभा पहुंचे। सदन में इस पर चर्चा हुई तो कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ ने स्पष्ट किया कि हरा रंग किसानों का प्रतीक है और कांग्रेस इस सत्र में किसानों के मुद्दे प्रमुखता से उठाएगी।
विधानसभा की कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई। इसके बाद गुरु तेगबहादुर जी के शहीदी दिवस को लेकर सदन में चर्चा हुई। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि गुरु तेगबहादुर का बलिदान भारतीय सभ्यता की आत्मा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस विषय को याद करते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं, क्योंकि गुरुओं की कुर्बानियां अपने लिए नहीं बल्कि देश और धर्म की रक्षा के लिए थीं।
इस दौरान कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने गुरु तेगबहादुर को स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान और जीवन से प्रेरणा मिलेगी। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने मुख्यमंत्री की पगड़ी को सम्मान की पगड़ी बताते हुए सिख समाज के विकास पर निरंतर काम करने की बात कही।
प्रश्नकाल के दौरान शाहाबाद से विधायक राम करण ने खेतों में आई बाढ़ की गाद का मुद्दा उठाया। इस पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी से तीखी बहस हुई। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा को भी हस्तक्षेप करना पड़ा। मंत्री बेदी ने गाद उठाने के लिए तय पैरामीटर गिनाए, जबकि विपक्ष ने इसे किसानों के साथ अन्याय बताया।
इसी बीच मंत्री अनिल विज ने नेता प्रतिपक्ष बनने पर भूपेंद्र हुड्डा को शायराना अंदाज में बधाई दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में टकराव जरूरी है, लेकिन सदन की गरिमा भी बनी रहनी चाहिए।
सदन में विभिन्न मुद्दों पर हंगामे और चर्चाओं के बाद स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने दोपहर भोज के लिए कार्यवाही साढ़े तीन बजे तक स्थगित कर दी। विंटर सेशन के पहले ही दिन किसानों, शिक्षा, पानी, स्वास्थ्य और धार्मिक मुद्दों पर सदन का माहौल पूरी तरह गर्म नजर आया।
हरियाणा विधानसभा के विंटर सेशन का आज पहला दिन रहा, जिसमें सरकार की ओर से कुल 8 विधेयक सदन में पेश किए गए। कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई, जिसमें विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर विधायकों ने सवाल उठाए। दोपहर बाद भोजनावकाश के बाद सदन में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया, जब स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को चर्चा के लिए स्वीकार कर लिया।
स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने सदन को जानकारी दी कि अविश्वास प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया है और इस पर कल 19 दिसंबर को दूसरी सिटिंग में विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस फैसले के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई।
सत्र के दौरान सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने अपने क्षेत्र में पानी की समस्या का मुद्दा उठाया। इस दौरान उनकी कैबिनेट मंत्री रणवीर गंगवा से तीखी बहस हो गई। कांग्रेस विधायक ने मंत्री पर जीरो परफॉर्मेंस का आरोप लगाया और यहां तक कहा कि विभाग के अधिकारी उनसे बेहतर काम कर रहे हैं। इस टिप्पणी पर मंत्री रणवीर गंगवा ने कड़ा विरोध जताया।
डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्डा ने कांग्रेस विधायक द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों पर आपत्ति दर्ज कराई और कहा कि इस तरह की भाषा सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं है। मंत्री रणवीर गंगवा ने भी जवाब देते हुए कहा कि उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं और उन्होंने किसी भी अधिकारी को गलत काम के लिए कोई निर्देश नहीं दिए हैं। इस मुद्दे पर विपक्षी विधायकों ने हंगामा किया और कांग्रेस के विधायक वॉकआउट कर सदन से बाहर चले गए।
बाद में डिप्टी स्पीकर ने हस्तक्षेप करते हुए विपक्ष के विधायकों को समझाया और स्थिति को शांत कराया। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच-बचाव के बाद मंत्री रणवीर गंगवा और कांग्रेस विधायक ने एक-दूसरे के प्रति खेद भी प्रकट किया, जिससे सदन की कार्यवाही आगे बढ़ सकी।
इससे पहले स्पीकर ने सदन में विधायी कार्यों के लिए दो घंटे का समय निर्धारित किया। इस पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सत्र की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, जिसे मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी स्वीकार किया।
आज के सत्र की एक खास बात यह भी रही कि मुख्यमंत्री नायब सैनी भगवा पग बांधकर सदन में पहुंचे, जबकि कांग्रेस के पांच विधायक हरी जैकेट पहनकर विधानसभा पहुंचे। कांग्रेस विधायकों का कहना था कि हरा रंग किसानों का प्रतीक है और वे सदन में किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे।
प्रश्नकाल के दौरान मंत्री अनिल विज ने नेता प्रतिपक्ष बनने पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा को शायराना अंदाज में बधाई दी, जिसे लेकर सदन में हल्का माहौल भी देखने को मिला। कुल मिलाकर विधानसभा के विंटर सेशन का पहला दिन राजनीतिक बहस, आरोप-प्रत्यारोप और अहम फैसलों के बीच समाप्त हुआ।
प्रधानमंत्री का धन्यवाद प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित
सीएम नायब सैनी ने सदन में शहीदी दिवस पर हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के आने का एक धन्यवाद प्रस्ताव लेकर आना चाहिए। ये हरियाणा के लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस समागम में आना एक गर्व की बात है। मैं इस सदन में ये प्रस्ताव पारित करने का प्रस्ताव करता हूं। स्पीकर ने ये प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। सदन की ओर से प्रधानमंत्री को एक धन्यवाद प्रस्ताव विधानसभा की ओर से भेजा जाएगा।
M ने कहा- PM ने गुरु तेगबहादुर का नाम सुनकर निमंत्रण स्वीकारा
सीएम नायब सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 नवंबर को होने वाले समागम की कहानी बताते हुए कहा- जब मैं उन्हें इसके लिए निमंत्रण देने के लिए गया तो उन्होंने कहा कि मैं उस दिन अयोध्या में रहूंगा। जब मैंने उन्हें गुरु तेगबहादुर के शहीदी दिवस को लेकर बताया तो उन्होंने उसे सहर्ष स्वीकार कर लिया और वह सीधे अयोध्या से कुरुक्षेत्र आए। उन्होंने वहां गुरु की याद में एक सिक्का जारी किया। यह भी सम्मान प्रधानमंत्री ने हमारे गुरुओं को दिया।
विधायक जगमोहन आनंद के बयान पर हुड्डा भड़के
गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस को लेकर प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विधायक जगमोहन आनंद की बात पर पूर्व CM भूपेंद्र सिंह हुड्डा भड़क गए। उन्होंने कहा- हमें धर्म का ज्ञान देने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने भी जगमोहन आनंद की बात पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हम जन्मजात धर्म को मानते हैं। हमें ज्ञान देने की जरूरत नहीं है। हम सुबह उठते ही मंदिर भी जाते हैं, मस्जिद भी जाते हैं, गुरुद्वारे भी जाते हैं। हम राजनीति नहीं करते। हां, आप ही यह धर्म की राजनीति करते हो। इस पर स्पीकर ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आप सिर्फ गुरु पर ही बोलिए।
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