हरियाणा में 20 जुलाई से शुरू होगी अग्निवीर भर्ती, स्कूलों में बनेंगे 'नो योर आर्म्ड फोर्सेज' कॉर्नर

हरियाणा में 20 जुलाई से चार चरणों में अग्निवीर भर्ती शुरू होगी। सरकार डिजिटल पोर्टल बनाएगी और सरकारी स्कूलों में 'नो योर आर्म्ड फोर्सेज' कॉर्नर स्थापित किए जाएंगे।

हरियाणा में 20 जुलाई से शुरू होगी अग्निवीर भर्ती, स्कूलों में बनेंगे 'नो योर आर्म्ड फोर्सेज' कॉर्नर

20 जुलाई से चार चरणों में शुरू होगी अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया

अग्निवीरों के लिए बनेगा डिजिटल पोर्टल, रोजगार में मिलेगी मदद

सरकारी स्कूलों में खुलेंगे 'नो योर आर्म्ड फोर्सेज' कॉर्नर


हरियाणा में अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य में 20 जुलाई 2026 से चार चरणों में अग्निवीर भर्ती रैलियां शुरू होंगी। भर्ती प्रक्रिया जुलाई 2026 से शुरू होकर मार्च 2027 तक चलेगी। सरकार ने भर्ती रैलियों के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन और सेना के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने गुरुवार को राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक में तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि हरियाणा का देश की सशस्त्र सेनाओं में हमेशा महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान किसी भी अभ्यर्थी को असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं।

बैठक में सभी जिला उपायुक्तों को भर्ती तैयारियों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा, जो सेना और जिला प्रशासन के बीच समन्वय बनाए रखेगा तथा भर्ती प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने में सहयोग करेगा।

युवाओं को सेना में करियर के प्रति जागरूक करने के लिए राज्य के सरकारी स्कूलों में 'नो योर आर्म्ड फोर्सेज' (Know Your Armed Forces) नाम से विशेष कॉर्नर स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इन कॉर्नरों में सेना में करियर, भर्ती प्रक्रिया, प्रशिक्षण और विभिन्न अवसरों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए प्रदर्शन सामग्री जोनल भर्ती कार्यालय उपलब्ध कराएगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग अग्निवीरों के लिए एक डिजिटल पोर्टल विकसित करेगा। इस पोर्टल पर अग्निवीरों की शिक्षा, कौशल, प्रशिक्षण और सेवा अनुभव का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा।

सरकार का मानना है कि चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को इस डिजिटल डाटाबेस के माध्यम से सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और निजी कंपनियों में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।