छलका पिता का दर्द ....काश प्रशासन पहले आता तो बेटा बच सकता था

रोहतक के लाखन माजरा में जूनियर बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की प्रैक्टिस के दौरान मौत के बाद परिवार ने स्टेडियम बनाने की मांग की। प्रशासन और नेता पहुंचे, गांव में शोक का माहौल

छलका पिता का दर्द ....काश प्रशासन पहले आता तो बेटा बच सकता था
  • हार्दिक राठी की प्रैक्टिस के दौरान मौत से परिवार में गहरा दुख
  • पिता बोले- अगर प्रशासन समय पर मदद करता तो बेटा बच सकता था
  • गांव में हार्दिक के नाम पर इनडोर स्टेडियम बनाने की मांग


रोहतक के लाखन माजरा में भारतीय बास्केटबॉल जूनियर टीम के खिलाड़ी हार्दिक राठी की प्रैक्टिस के दौरान पोल गिरने से मौत ने पूरे गांव को शोकग्रस्त कर दिया है। घटना के बाद रोहतक प्रशासन, हरियाणा सरकार और पंजाब के मुख्यमंत्री समेत कई नेता और अधिकारी हार्दिक के घर पहुंचे और परिवार से मिले।

हार्दिक के पिता संदीप राठी ने रोते हुए कहा कि यदि प्रशासन समय पर कार्रवाई करता और मैदान की मरम्मत होती तो आज उनका बेटा जिंदा होता। उनका कहना था कि गांव के खेल मैदान की खराब और खतरनाक स्थिति को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन प्रशासन ने कोई निर्णय नहीं लिया।

संदीप राठी ने कहा,
"आज प्रशासन और नेता हमारे घर दौड़े-दौड़े आ रहे हैं। लेकिन जब हमने मैदान की मरम्मत के लिए शिकायत की थी, तब कोई नहीं आया। अगर प्रशासन समय पर कदम उठा लेता, तो आज हमें अपने बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करना पड़ता। जो नुकसान आज हुआ है, वह कभी पूरा नहीं हो सकता।"

मुख्यमंत्री द्वारा ₹5 लाख की सहायता के प्रस्ताव पर संदीप राठी ने स्पष्ट कहा कि
"पैसे का मामला नहीं है। अगर पैसे से कुछ होता है, तो हम खुद ₹10 लाख देने को तैयार हैं। लेकिन पहले मैदान की सुरक्षा और खिलाड़ियों के भविष्य के लिए कदम उठाए जाने चाहिए थे।"

उन्होंने मांग की है कि गांव में हार्दिक राठी के नाम से इनडोर स्टेडियम बनाया जाए, ताकि गांव के बच्चों को सुरक्षित और आधुनिक सुविधा मिल सके और कोई भी खिलाड़ी ऐसी दुर्घटना का शिकार न हो। उन्होंने कहा कि उनका दूसरा बेटा कार्तिक भी नेशनल खिलाड़ी है और वह नहीं चाहते कि भविष्य में किसी भी खिलाड़ी के माता-पिता को ऐसी पीड़ा झेलनी पड़े।

हार्दिक की मौत के बाद गांव और खिलाड़ियों में गहरा आक्रोश और दुख है। लोगों का कहना है कि सरकारी मैदानों की समय पर देखरेख और मरम्मत अनिवार्य है, वरना ऐसी घटनाएं दोहराती रहेंगी।