राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत: दो बार फंड मिला पर मरम्मत नहीं करवाई, अब खेल विभाग के अधिकारियों पर FIR
रोहतक में राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत के मामले में खेल और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज। जर्जर पोल गिरने से खिलाड़ी की मौत हुई।
• राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत के मामले में FIR दर्ज
• खेल और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप
• दो बार फंड मंजूर, फिर भी कोर्ट की मरम्मत नहीं हुई
रोहतक। राष्ट्रीय स्तर के बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत के मामले में पुलिस ने खेल विभाग और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह केस खिलाड़ी के पिता संदीप राठी की शिकायत पर लाखनमाजरा थाना पुलिस ने दर्ज किया है। पिता ने पुलिस को बताया कि 25 नवंबर को लाखन माजरा के खेल स्टेडियम में अभ्यास के दौरान जर्जर बास्केटबॉल पोल गिरने से हार्दिक की मौत हो गई थी।
पीड़ित पिता का कहना है कि बास्केटबॉल कोर्ट की हालत काफी खराब थी और पोल काफी समय से जंग लगा और कमजोर था। उन्होंने बताया कि कोर्ट की मरम्मत के लिए 7 नवंबर 2023 को सांसद निधि से 12 लाख 30 हजार रुपये और 26 जून 2025 को 6 लाख 20 हजार रुपये स्वीकृत हुए थे। इसके बावजूद ना तो मरम्मत हुई और ना ही पोल बदला गया जबकि खिलाड़ी रोज वहां अभ्यास करते थे। पिता का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने जानबूझकर लापरवाही की और इसी लापरवाही ने मेरे बेटे की जान ले ली।
संदीप राठी ने बताया कि जिस पोल की मरम्मत करवानी थी, वही अभ्यास के दौरान अचानक टूटकर हार्दिक के सीने पर गिर गया। हादसे के तुरंत बाद उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पिता ने कहा कि बेटे की अचानक मौत के बाद मैं होश में नहीं था, इसलिए उसी समय मुकदमा दर्ज नहीं करवा पाया। अब जब स्थिति संभली तो शिकायत दर्ज करवाई है।
उन्होंने बताया कि पोल लगाने वाले ठेकेदार और निरीक्षण की जिम्मेदारी संभालने वाले सरकारी अधिकारियों की जांच की जानी चाहिए। पिता ने कहा कि किसी की लापरवाही के कारण एक राष्ट्रीय खिलाड़ी की जिंदगी खत्म हो गई और असली दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर समरदीप सिंह ने कहा कि हार्दिक के पिता की शिकायत पर बीएनएस की धारा 106 (1) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दोनों विभागों से रिपोर्ट तलब की गई है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि किसकी लापरवाही से हादसा हुआ। अभी तक किसी अधिकारी को नामजद नहीं किया गया है।
हार्दिक राठी राष्ट्रीय स्तर के कई टूर्नामेंट्स में शामिल हो चुके थे और बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से उन्हें रखरखाव और अभ्यास के लिए फंड मिलता था। वह रोज लाखन माजरा स्टेडियम में अभ्यास करता था और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के सपने देखता था। उसकी अचानक मौत ने खिलाड़ियों में शोक और आक्रोश दोनों पैदा किया है।
Author1