हरियाणा में तहसीलदार सस्‍पेंड, जानें वजह

चुनाव तहसीलदार रोहित सिहाग को 2 लाख की रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद सरकार ने सस्पेंड कर दिया। चुनावी गाड़ियों की NOC के बदले रिश्वत मांगी थी।

हरियाणा में तहसीलदार सस्‍पेंड, जानें वजह

• गुरुग्राम के चुनाव तहसीलदार रोहित सिहाग सस्पेंड
2 लाख की रिश्वत लेते ACB ने रंगे हाथ दबोचा
• विधानसभा चुनाव में लगी गाड़ियों की पेमेंट NOC के बदले रिश्वत



हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम के चुनाव तहसीलदार रोहित सिहाग को सस्पेंड कर दिया है। कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने चुनाव विभाग के प्रस्ताव पर सस्पेंशन आदेश जारी किए हैं। इस कार्रवाई से प्रशासनिक स्तर पर बड़ा झटका माना जा रहा है।

तहसीलदार रोहित सिहाग को 13 नवंबर को गुरुग्राम में 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने पकड़ा था। आरोपी विधानसभा चुनाव में लगी गाड़ियों की पेमेंट जारी करने के लिए NOC देने के बदले रिश्वत मांग रहा था।

शिकायतकर्ता ट्रांसपोर्टर ने ACB को बताया था कि उसकी गाड़ियां 2024 विधानसभा चुनाव में उपायुक्त कार्यालय द्वारा चुनावी कार्यों में लगाई गई थीं। तय सरकारी दरों के अनुसार भुगतान के लिए बिल पुलिस आयुक्त कार्यालय भेजा गया था, लेकिन भुगतान तभी मिल सकता था जब चुनाव कार्यालय गुरुग्राम से NOC जारी हो।

ट्रांसपोर्टर कई महीनों से तहसीलदार के कार्यालय के चक्कर लगा रहा था, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। इस दौरान तहसीलदार रोहित सिहाग और उसके सहायक ने पहले 3.50 लाख, फिर बात घटाकर 2 लाख रुपए में NOC जारी करने की बात तय की।

ACB ने ट्रैप लगाया और तहसीलदार को कैश लेते ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद अब सरकार ने उसे तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।