हनी-ट्रैप में फंसाकर हरियाणा के कारोबारी से 6.5 करोड़ की ठगी! सीएम, एसडीएम, पायलट और वकील के नाम पर जानें कैसे बिछाया जाल
गुरुग्राम की पॉश सोसाइटी में कारोबारी को हनी-ट्रैप में फंसाकर साढ़े छह करोड़ की ठगी। फेसबुक दोस्ती से शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल, पुलिस जांच जारी।
➤ गुरुग्राम की पॉश सोसाइटी में कारोबारी से हनी-ट्रैप के जरिए 6.5 करोड़ की ठगी
➤ फेसबुक दोस्ती से शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल, पूरा सिंडिकेट शामिल
➤ सेक्टर-53 थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की
गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड स्थित पॉश सोसाइटी पाम स्प्रिंग में रहने वाले एक कारोबारी को हनी-ट्रैप में फंसाकर करीब चार साल में साढ़े छह करोड़ रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर सेक्टर-53 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, कारोबारी की साल 2020 में फेसबुक के जरिए खुद को अमीरात एयरलाइन की एयरहोस्टेस बताने वाली किम उर्फ प्रियंका संगमा से दोस्ती हुई थी। इसके बाद बातचीत व्हाट्सऐप पर शिफ्ट हुई और धीरे-धीरे आपत्तिजनक चैट और फोटो के जरिए दबाव बनाया जाने लगा।
आरोप है कि युवती ने अपनी मां लीना संगमा के साथ मिलकर कारोबारी को ब्लैकमेल करना शुरू किया। साल 2021 में युवती ने चैट के स्क्रीनशॉट भेजकर पैसे की मांग की। इसके बाद अलग-अलग बहानों से कारोबारी से रकम ट्रांसफर कराई गई।
पीड़ित का आरोप है कि इस पूरे हनी-ट्रैप के पीछे एक पूरा सिंडिकेट काम कर रहा था। युवती के पिता को शिलॉन्ग में एसडीएम, भाई को पायलट, जबकि मां को मेघालय कोर्ट की वकील बताया गया। इमोशनल और मानसिक दबाव बनाकर पायलट कोर्स, ठेका खोलने और बीमारी जैसे बहानों से पैसे वसूले गए।
आरोपियों ने शराब का ठेका दिलाने के नाम पर 32.38 लाख रुपये भी लिए। इसके बाद कभी एसडीएम पिता की मौत, तो कभी शादी के बाद पैसे लौटाने की कहानी बनाई गई। इस दौरान एक व्यक्ति ने खुद को मेघालय के मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात पुलिस इंस्पेक्टर बताया, जो बाद में फर्जी निकला।
पीड़ित के मुताबिक, जब उसने पैसे देने से इनकार किया तो आरोपियों ने उसके बेटे और पत्नी को आपत्तिजनक फोटो भेजकर बदनाम करने की धमकी दी। इसके बाद कारोबारी ने परिवार को पूरी आपबीती बताई और पुलिस में शिकायत दी।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 316(2), 351(2), 356(2) और 61 के तहत केस दर्ज कर बैंक ट्रांजैक्शन, डिजिटल सबूत और आरोपियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
Akhil Mahajan