सोना-चांदी ने बनाया नया इतिहास, ऑलटाइम हाई पर पहुंचे भाव
MCX पर चांदी ने ₹3,00,350 प्रति किलो का रिकॉर्ड बना लिया है। तेजी से निवेशक खुश हैं, लेकिन महंगे दामों ने सर्राफा बाजार की रौनक फीकी कर दी है।
• MCX पर चांदी ने ₹3,00,350 प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ
• अंतरराष्ट्रीय मजबूती और सुरक्षित निवेश की मांग से तेज उछाल
• महंगे दामों से सर्राफा बाजारों में ग्राहकी घटी
कमोडिटी बाजार में चांदी ने नया इतिहास रच दिया है। MCX पर कारोबार के दौरान चांदी ₹3,00,350 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर ट्रेड करती नजर आई। यह अब तक का सबसे ऊंचा भाव माना जा रहा है, जिसने निवेशकों और व्यापारियों दोनों का ध्यान खींचा है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूती, डॉलर में उतार-चढ़ाव और सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में बढ़ती मांग ने चांदी की कीमतों को नई ऊंचाई तक पहुंचा दिया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक वर्ग चांदी की ओर रुख कर रहा है, जिससे इसमें तेजी बनी हुई है।
हालांकि, इस तेज उछाल का असर स्थानीय सर्राफा बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है। अत्यधिक महंगे भाव के चलते बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही में कमी दर्ज की गई है। सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि अचानक आई इस तेजी से आम उपभोक्ता खरीदारी से दूरी बना रहा है।
खासतौर पर चांदी के आभूषणों की मांग में उल्लेखनीय गिरावट देखी जा रही है। ग्राहक अब केवल जरूरत भर की खरीदारी कर रहे हैं और बड़े सौदों से बच रहे हैं। व्यापारियों के मुताबिक, मौजूदा अस्थिरता और तेज भाव के कारण ग्राहक कीमतों के स्थिर होने का इंतजार कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चांदी की कीमतों में यही तेजी बनी रही, तो आने वाले समय में पारंपरिक ग्राहकी पर दबाव और बढ़ सकता है। फिलहाल, चांदी ने भले ही रिकॉर्ड बनाया हो, लेकिन इसकी महंगाई ने बाजार की रौनक को फीका कर दिया है।
सोने और चांदी ने एक बार फिर वैश्विक बाजार में नया इतिहास रच दिया है। सोमवार 12 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 4,563.61 डॉलर प्रति औंस के अपने नए ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया। वहीं चांदी भी उछाल के साथ 83.50 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर कारोबार करती नजर आई। वर्ष 2026 में यह सोने और चांदी का पहला रिकॉर्ड हाई माना जा रहा है।
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका में ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीदों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर मोड़ दिया है। इसी वजह से बुलियन मार्केट में मजबूत खरीदारी देखने को मिल रही है।
एनालिस्ट्स का कहना है कि निवेशकों की नजरें अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में ट्रंप टैरिफ से जुड़े फैसले पर भी टिकी हुई हैं। इसके साथ ही दुनिया के कई हिस्सों में जारी भू-राजनीतिक तनाव बाजार में अनिश्चितता बढ़ा रहे हैं, जिससे सोने और चांदी को समर्थन मिल रहा है।
इस सप्ताह भारत, अमेरिका और जर्मनी की महंगाई दर से जुड़े आंकड़े जारी होने वाले हैं। वहीं चीन से व्यापार और निवेश से संबंधित डेटा भी सामने आएगा। इसके अलावा यूएस फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के बयान भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
JM फाइनेंशियल सर्विसेज में कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर ने कहा कि बुलियन मार्केट में तेजी का रुझान बना रह सकता है और हल्की गिरावट को खरीदारी के अवसर के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि सुरक्षित निवेश की मांग और मिलेजुले आर्थिक आंकड़े कीमतों को सहारा दे रहे हैं, हालांकि कभी-कभार डॉलर की मजबूती तेजी को सीमित कर सकती है।
वहीं एंजल वन के डीवीपी (रिसर्च) प्रतमेश मल्ल्या ने कहा कि उतार-चढ़ाव के बावजूद सोने-चांदी का लॉन्ग-टर्म ट्रेंड मजबूत बना हुआ है। उनके मुताबिक, आने वाले समय में डॉलर की चाल, फेड की नीति और महंगाई व रोजगार से जुड़े आंकड़े कीमतों की दिशा तय करेंगे। तकनीकी स्तर पर उन्होंने भारत में सोने के दाम ₹1.41 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने की संभावना जताई।
प्रणव मेर ने यह भी बताया कि गोल्ड और सिल्वर ETF में लगातार मजबूत निवेश आ रहा है, जो दर्शाता है कि निवेशक अपने पोर्टफोलियो को जोखिम से बचाने के लिए इन धातुओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। चांदी के मजबूत स्ट्रक्चर को देखते हुए उन्होंने लॉन्ग-टर्म में इसके ₹2.80 लाख से ₹3 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंचने की संभावना जताई।
Akhil Mahajan