सोना-चांदी में तेजी, लेकिन रिकॉर्ड स्तर से अब भी काफी नीचे:निवेशकों के लिए मौका

सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। चांदी अपने उच्च स्तर से ₹1.96 लाख तक सस्ती हो चुकी है, जबकि सोने में भी बड़ी गिरावट आई है।

सोना-चांदी में तेजी, लेकिन रिकॉर्ड स्तर से अब भी काफी  नीचे:निवेशकों के लिए मौका

सोना-चांदी में हफ्तेभर में तेजी, फिर भी रिकॉर्ड से काफी नीचे
चांदी करीब ₹1.96 लाख और सोना ₹50 हजार तक सस्ता
विशेषज्ञ बोले- बाजार में अभी पूरी रिकवरी बाकी


बीते सप्ताह सोना और चांदी की कीमतों में तेजी जरूर देखने को मिली, लेकिन निवेशकों के लिए अहम बात यह है कि दोनों कीमती धातुएं अब भी अपने लाइफ टाइम हाई से काफी नीचे बनी हुई हैं। ऐसे में बाजार विशेषज्ञ इसे निवेश के लिहाज से एक महत्वपूर्ण संकेत मान रहे हैं कि अभी भी पूरी रिकवरी बाकी है।अगर चांदी की बात करें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 1 किलो चांदी का भाव अपने रिकॉर्ड स्तर ₹4,39,337 के मुकाबले अभी भी करीब ₹1,96,000 सस्ता चल रहा है। यह अंतर साफ दर्शाता है कि बाजार अभी अपने उच्चतम स्तर तक नहीं पहुंच पाया है।

हालांकि, पिछले सप्ताह चांदी के दाम में अच्छी तेजी भी दर्ज की गई। 2 अप्रैल को जहां चांदी का भाव ₹2,32,495 प्रति किलो था, वहीं सप्ताह के अंत तक यह बढ़कर करीब ₹2,43,300 प्रति किलो हो गया। यानी महज एक हफ्ते में चांदी के दाम में ₹10,805 की बढ़ोतरी दर्ज की गई।घरेलू बाजार में भी चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिला। यहां चांदी का रेट ₹2,27,813 से बढ़कर ₹2,39,934 प्रति किलो तक पहुंच गया। इसके बावजूद यह अभी भी अपने ऑल टाइम हाई से काफी नीचे बना हुआ है।

वहीं, सोने की कीमतों में भी इसी तरह की तेजी देखने को मिली। 24 कैरेट सोने का वायदा भाव ₹1,49,680 से बढ़कर ₹1,52,690 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। यानी हफ्तेभर में सोना करीब ₹3,010 महंगा हुआ है।घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1,50,330 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है, लेकिन यह अपने रिकॉर्ड स्तर ₹2,02,984 प्रति 10 ग्राम के मुकाबले अब भी लगभग ₹50,000 सस्ता चल रहा है।

वर्तमान में देश में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹15,284 प्रति ग्राम (लगभग ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम) के आसपास बनी हुई है, जबकि चांदी करीब ₹2.60 लाख प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही है।विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव, डॉलर की मजबूती और वैश्विक तनाव जैसे कारकों के चलते सोना-चांदी के दाम अभी भी अस्थिर बने हुए हैं। यही वजह है कि कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद ये धातुएं अपने उच्चतम स्तर से नीचे बनी हुई हैं।