मंच पर कपड़े उतारने लगी Dancers,अश्लील डांस पर SDM ने लुटाए पैसे, पुलिसकर्मियों ने लिया KISS और .....

SDM और पुलिस की मौजूदगी में आर्केस्ट्रा कार्यक्रम में अश्लील डांस का वीडियो वायरल। दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच, आयोजक गिरफ्तार, SDM पर कार्रवाई की मांग तेज।

• गरियाबंद में पुलिस और SDM की मौजूदगी में आर्केस्ट्रा कार्यक्रम में अश्लील डांस
• अर्धनग्न डांस का वीडियो वायरल, रसूखदारों ने खुलेआम लुटाए पैसे
• दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच, आयोजक गिरफ्तार, SDM पर कार्रवाई की मांग



छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। देवभोग थाना क्षेत्र में आयोजित एक 6 दिवसीय आर्केस्ट्रा कार्यक्रम के दौरान मंच पर ऐसी अश्लीलता परोसी गई, जिसने सार्वजनिक मर्यादाओं की सीमाएं तोड़ दीं। हैरानी की बात यह रही कि यह सब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में होता रहा।

महिला SDM के सामने अश्लील डांस करती रही, इस दौरान अफसर ने पैसे लुटाए।

जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम उरमाल गांव में आयोजित किया गया था, जिसके लिए ओडिशा के कटक से महिला डांसर्स बुलाई गई थीं। 9 जनवरी की रात मंच पर पहले सामान्य नृत्य हुआ, लेकिन कुछ ही देर बाद डांसर्स ने अर्धनग्न होकर अश्लील डांस शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद दर्शक, जिनमें कई रसूखदार भी शामिल बताए जा रहे हैं, खुलेआम पैसे लुटाते नजर आए

बार डांसर से किस लेने वाले 2 पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है।

कार्यक्रम का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि जिस वक्त मंच पर अश्लील डांस हो रहा था, उस दौरान मैनपुर SDM तुलसी दास मरकाम भी मौके पर मौजूद थे। स्थानीय लोगों का दावा है कि SDM ने अपने मोबाइल फोन से डांसर्स का वीडियो बनाया और पैसे भी उड़ाए। इतना ही नहीं, वायरल वीडियो में कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा डांसर्स के साथ अभद्र व्यवहार के आरोप भी लगाए गए हैं।

कार्यक्रम में डांसर ने अपने कपड़े उतार दिए। इस दौरान लोग वीडियो बनाते रहे।

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। वीडियो सामने आने के बाद गरियाबंद SP ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के बाद दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया गया है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक SDM के खिलाफ कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

पंडाल के अंदर भीड़ बेकाबू थी, अफसर, पुलिसकर्मी, जनप्रतिनिधि हर वर्ग के लोग पहुंचे थे।

बताया गया है कि इस कार्यक्रम के लिए 29 दिसंबर 2025 को मैनपुर SDM से लिखित अनुमति ली गई थी। आयोजन की जिम्मेदारी युवा समिति उरमाल ने ली थी, जिसने इसे मनोरंजन का कार्यक्रम बताया था। कार्यक्रम में 8 से 10 जनवरी तक आर्केस्ट्रा पार्टी का आयोजन तय था। प्रवेश के लिए दर्शकों से 200 से 400 रुपए तक की एंट्री फीस वसूली जा रही थी।

10 जनवरी को स्थानीय लोगों ने इस अश्लीलता को लेकर देवभोग थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आयोजक देवानंद राजपूत, गोविंद देवांगन, नरेंद्र साहू और हसन डाडा को गिरफ्तार किया। हालांकि बाद में उन्हें निचले मुचलके पर रिहा कर दिया गया।

घटना के बाद अब स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने SDM के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। लोगों का कहना है कि जब प्रशासनिक अनुमति के बाद ऐसा कार्यक्रम हुआ और अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, तो जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। यह मामला न सिर्फ सार्वजनिक शालीनता, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही पर भी बड़ा सवाल बन गया है।