विवाद के बाद तालाब में कूदे पलंबर का श*व मिला, परिजनों का हंगामा
फतेहाबाद के भूना क्षेत्र में विवाद के बाद तालाब से एक पलंबर का शव बरामद हुआ। परिजनों ने गांव के लोगों पर पीछा करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग की है।
फतेहाबाद में विवाद के बाद तालाब में कूदे पलंबर का शव बरामद
परिजनों ने गांव के लोगों पर पीछा करने का आरोप लगाया, थाने में किया हंगामा
एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग पर अड़े परिजन, पुलिस ने जांच का भरोसा दिया
हरियाणा के फतेहाबाद जिले के भूना क्षेत्र में एक 33 वर्षीय पलंबर का शव तालाब से मिलने के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया। मृतक के परिजनों ने गांव के कुछ लोगों पर विवाद के बाद उसका पीछा करने का आरोप लगाया है। वहीं शव मिलने के बाद परिजनों ने भूना थाना पहुंचकर जमकर हंगामा किया और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की।
जानकारी के अनुसार, गांव सनियाना निवासी विपिन कुमार का मंगलवार को गांव के कुछ लोगों के साथ विवाद हो गया था। परिजनों का आरोप है कि अगले दिन भी विवाद जारी रहा और पुलिस की मौजूदगी में भी कहासुनी हुई। इसके बाद कुछ लोग कथित तौर पर डंडे लेकर विपिन के पीछे दौड़े।
परिजनों का कहना है कि जान बचाने के लिए भागते हुए विपिन के सामने तालाब आ गया। बचने के प्रयास में उसने तालाब में छलांग लगा दी। शुरुआत में परिजनों और ग्रामीणों को लगा कि वह किसी तरह बाहर निकलकर कहीं चला गया होगा, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे ग्रामीणों ने तालाब के किनारे विपिन का शव देखा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को तालाब से बाहर निकालकर कब्जे में लिया। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया के लिए भेजने की तैयारी शुरू की गई।
मृतक विपिन कुमार अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। परिवार में दिव्यांग पिता, माता, पत्नी और दो छोटे बेटे हैं। बड़ा बेटा 8 वर्ष और छोटा 6 वर्ष का है। परिजनों के अनुसार, विपिन गांव में प्लंबर का काम करके परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके छोटे भाई की भी तीन वर्ष पहले हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है।
शव मिलने के बाद आक्रोशित परिजन भूना थाना पहुंच गए और पुलिस से तत्काल आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग करने लगे। इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच तीखी बहस भी हुई।
परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि पहले विवाद के दौरान पुलिस समय पर सख्त कार्रवाई करती तो यह घटना नहीं होती। उनका कहना है कि विवाद में 20 से 25 लोग शामिल थे और सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। परिजनों ने यह भी कहा कि जब तक उन्हें एफआईआर की प्रति नहीं दी जाएगी, तब तक वे पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई नहीं होने देंगे।
पुलिस ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए कहा है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
pooja