हरियाणा में 5.80 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

फतेहाबाद में बंद मोबाइल नंबर दोबारा एक्टिव कर 5.80 लाख रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरी रकम बरामद कर पीड़ित को वापस दिलाई।

हरियाणा में 5.80 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

फतेहाबाद में 5.80 लाख रुपये की साइबर ठगी का पुलिस ने किया खुलासा

बंद मोबाइल नंबर दोबारा एक्टिव कर बैंक खाते से उड़ाई गई थी रकम

दोनों आरोपी गिरफ्तार, पूरी ठगी की राशि बरामद कर पीड़ित को लौटाई गई


फतेहाबाद की साइबर थाना पुलिस ने 5 लाख 80 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की गई पूरी राशि बरामद कर पीड़ित को वापस दिला दी। दोनों आरोपी हांसी क्षेत्र के रहने वाले हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया।

बंद मोबाइल नंबर को दोबारा एक्टिव कर दिया वारदात को अंजाम

साइबर थाना प्रभारी राहुल देव ने बताया कि रतिया के वार्ड नंबर-17 निवासी गुरप्रीत सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार उसके एचडीएफसी बैंक खाते से लिंक पुराना मोबाइल नंबर बंद हो गया था। इसी का फायदा उठाते हुए किसी अज्ञात व्यक्ति ने उस नंबर को अपने नाम पर दोबारा एक्टिव करवा लिया।

इसके बाद आरोपी ने बैंक से एटीएम कार्ड दोबारा जारी (री-इश्यू) करवाया और खाते तक पहुंच बना ली।

4 से 9 जून के बीच खाते से निकाले 5.80 लाख रुपये

शिकायतकर्ता गुरप्रीत सिंह के अनुसार 4 जून से 9 जून के बीच उसके बैंक खाते से 5 लाख 80 हजार रुपये निकाल लिए गए। जब उसे खाते से रकम निकलने की जानकारी मिली तो उसने तुरंत पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और 6 जुलाई को बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया।

तकनीकी जांच से पुलिस आरोपियों तक पहुंची

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हिसार जिले के खेड़ी गगन निवासी सचिन और पुठी मंगल खां निवासी विनोद के रूप में हुई।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ठगी की गई पूरी रकम बरामद कर ली। बरामद राशि बाद में पीड़ित को वापस सौंप दी गई।

साइबर अपराधों से बचने की दी सलाह

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उनका कोई पुराना मोबाइल नंबर बैंक खाते या अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं से जुड़ा है तो उसे बंद कराने से पहले संबंधित सेवाओं में नया नंबर अपडेट अवश्य करवाएं। साथ ही बैंक खाते और मोबाइल नंबर से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस और बैंक को दें।