दादरी में ₹10 करोड़ लेकर आढ़ती फरार, 100 परिवारों पर संकट किसानों की मेहनत की कमाई लेकर गायब

दादरी में एक आढ़ती ₹10 करोड़ लेकर फरार हो गया, जिससे 100 से अधिक किसान परिवार आर्थिक संकट में आ गए। फरारी में रसूखदारों की मदद के आरोप भी सामने आए हैं।

दादरी में ₹10 करोड़ लेकर आढ़ती फरार, 100 परिवारों पर संकट किसानों की मेहनत की कमाई लेकर गायब

दादरी में आढ़ती ₹10 करोड़ लेकर फरार, 100+ किसान परिवार प्रभावित
गांवों में आक्रोश, फरारी में ‘रसूखदारों’ की मदद के आरोप
4 दिन से भटक रहे किसान, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल


चरखी दादरी जिले के नीमड़ी, खैरड़ी और मालपोष गांवों में उस समय हड़कंप मच गया जब एक आढ़ती करीब ₹10 करोड़ की रकम लेकर फरार हो गया। इस घटना ने 100 से ज्यादा किसान परिवारों को गहरे आर्थिक संकट में डाल दिया है। किसानों का आरोप है कि यह सिर्फ ठगी का मामला नहीं, बल्कि उनके भविष्य पर सीधा हमला है।

पीड़ित किसानों का कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई, फसल का पैसा और यहां तक कि बैंक से कर्ज लेकर भी आढ़ती को सौंपा था। कुछ किसानों ने जमीन ठेके पर लेकर खेती की थी और पूरी उम्मीद के साथ अपनी उपज आढ़ती के पास दी थी। लेकिन अब पैसे न मिलने से वे दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि फरार आढ़ती को भागने में कुछ प्रभावशाली लोगों ने मदद की। गांव के लोग खुलकर कह रहे हैं कि बिना ‘अंदरूनी मदद’ के इतनी बड़ी रकम लेकर पूरे परिवार सहित फरार होना संभव नहीं है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिस न सिर्फ आरोपी को गिरफ्तार करे, बल्कि उन लोगों के चेहरे भी बेनकाब करे जिन्होंने उसे संरक्षण दिया।CHARKHI DADRI FARMERS SCAM

घटना के बाद से किसान लगातार प्रशासन और पुलिस के चक्कर काट रहे हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी अपने परिवार के करीब 16 सदस्यों के साथ फरार है, जबकि पीड़ित किसान पिछले 4 दिनों से दर-दर भटक रहे हैं। इससे पुलिस और खुफिया तंत्र की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि बड़े-बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों और रैलियों में सुरक्षा व्यवस्था तो मजबूत रहती है, लेकिन आम किसानों के साथ इतनी बड़ी ठगी होने के बावजूद कार्रवाई में देरी हो रही है।

गांवों में माहौल बेहद तनावपूर्ण है और किसान न्याय की मांग को लेकर एकजुट हो रहे हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया और उनकी रकम वापस नहीं मिली, तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।