हरियाणा पुलिस की कॉन्स्टेबल ने नौकरी बनकर पकड़ा 26 मामलों में वांटेड एजेंट, पूरी कहानी पढ़कर चौंक जाएंग आप
हरियाणा पुलिस की कॉन्स्टेबल ने मेड बनकर 26 मामलों में वांटेड इमिग्रेशन एजेंट को पकड़ा, आरोपी के पास से 26.50 लाख, सोना-हीरे और XUV बरामद।
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हरियाणा पुलिस की महिला कॉन्स्टेबल ने मेड बनकर 26 मामलों में वांटेड इमिग्रेशन एजेंट को पकड़ा
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आरोपी के पास से 26.50 लाख रुपए, 850 ग्राम सोना, डायमंड और XUV 500 बरामद
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साहिल नाम का आरोपी 6 बार अलग-अलग नामों से गिरफ्तार होकर बेल पर छूट चुका था
हरियाणा पुलिस की एक महिला कॉन्स्टेबल ने ऐसा कारनामा किया है, जो फिल्मों की स्क्रिप्ट को भी मात दे दे। कॉन्स्टेबल पूनम ने मेड बनकर 26 मामलों में वांटेड इमिग्रेशन एजेंट साहिल शर्मा को गिरफ्तार करवाया। आरोपी को पंचकूला पुलिस ने राजस्थान के जयपुर से पकड़ा है। पुलिस ने आरोपी के पास से 26 लाख 50 हजार रुपए नकद, 850 ग्राम सोना, डायमंड ज्वेलरी और XUV 500 कार बरामद की है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान साहिल निवासी जीरकपुर (पंजाब) के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर 7 दिन के रिमांड पर लिया है। जांच में सामने आया कि आरोपी आदतन अपराधी है, जो पहले भी 6 बार अलग-अलग नामों से पकड़ा जा चुका है और हर बार बेल लेकर बाहर आ जाता था। मामले की जांच एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट पंचकूला इंचार्ज इंस्पेक्टर योगविंद्र सिंह की टीम को सौंपी गई है। पुलिस ने आरोपी के दो साथियों—रमनदीप कौर निवासी यमुनानगर और परमजीत निवासी फतेहगढ़ साहिब—को भी नामजद किया है।
ACP विक्रम नेहरा ने बताया कि आरोपी साहिल शर्मा राजस्थान के जयपुर में छिपा हुआ था। टीम साइबर की मदद से उसका पीछा कर रही थी। आरोपी ने जब जयपुर के एक ATM से 10 हजार रुपए निकाले, तो पुलिस को बैंक से उसकी लोकेशन का पता चल गया। टीम मौके पर पहुंची, CCTV फुटेज निकाली और शिकायतकर्ता से पहचान कराई—जिससे पुख्ता हुआ कि वही आरोपी है। ASI दीपक की टीम ने CCTV फुटेज के सहारे आरोपी की कार और ठिकाने की पहचान की। लेकिन कार किसी और घर के आगे खड़ी थी, जिससे सटीक घर पहचानना मुश्किल था।
ऐसे में कॉन्स्टेबल पूनम ने ‘मेड बनकर दरवाजा खुलवाने’ का प्लान बनाया। वह आरोपी के घर पहुंची, उसकी पत्नी से 4–5 मिनट बातों में उलझी रही, तभी आरोपी बाहर आ गया। पूनम ने “काम देखने” का बहाना बनाकर बाहर जाकर टीम को इशारा दिया। इसके बाद पुलिस ने घर को घेर लिया और खिड़की का कांच तोड़कर घर में घुसकर आरोपी को दबोच लिया।
फर्जीवाड़े की पूरी कहानी (4 मुख्य खुलासे)
1️⃣ फर्जी नामों से सिम और बैंक अकाउंट:
साहिल शर्मा ने ‘प्रदीप शर्मा’ के नाम से सिमकार्ड और बैंक अकाउंट खुलवाए। किसी खाते में उसने KYC नहीं करवाई, जिससे पुलिस ट्रैक नहीं कर सकी।
2️⃣ फर्जी नाम से जेल और बेल:
साहिल पंजाब के 5 मामलों में जेल जा चुका है और उसी फर्जी नाम से बेल लेकर बाहर भी आ गया।
पंजाब पुलिस ने उसे 6 मामलों में भगोड़ा घोषित किया था।
3️⃣ हर माह सिम बदलता, हर 6 माह में ठिकाना:
साहिल हर महीने नया मोबाइल नंबर लेता था।
गिरफ्तारी के वक्त उसके पास 12 मोबाइल और 25 ATM कार्ड मिले।
वह हर 6 महीने में शहर बदलता था—जयपुर से पहले हरिद्वार, ऋषिकेश और नोएडा में रह चुका था।
4️⃣ 50 युवाओं को विदेश भेजने का सपना दिखाकर ठगी:
यमुनानगर के 50 युवाओं को उसने जून में फर्जी वीजा और टिकट भेजे।
दिल्ली के होटल में बुलाकर फरार हो गया।
13 युवाओं की शिकायत पर केस दर्ज हुआ, लेकिन 34 पीड़ित आज भी न्याय की राह देख रहे हैं।
जांच में सामने आया है कि आरोपी 26 ठगी के मामलों में वांटेड है— 13 केस यमुनानगर, 6 जालंधर, 2 लुधियाना, 2 फिरोजपुर और 1 पंचकूला में दर्ज हैं। पंचकूला के पुलिस आयुक्त शिवास कविराज ने कहा “हरियाणा में अवैध इमिग्रेशन के नाम पर ठगी करने वालों पर अब सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे फर्जी एजेंट किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे। यह गिरोह कई राज्यों तक फैला है और इसकी जड़ें उखाड़ी जाएंगी।”
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