हरियाणा CM ने दिया आश्वासन: बाढ़ से लड़ाई में हरियाणा सरकार हर कदम पर नागरिकों के साथ

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 996701 एकड़ पंजीकृत, 12 मौतों पर 48 लाख रुपये सहायता। हिमाचल को 5 करोड़ रुपये की मदद।

हरियाणा CM ने दिया आश्वासन: बाढ़ से लड़ाई में हरियाणा सरकार हर कदम पर नागरिकों के साथ

➤ बाढ़ राहत के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 169738 किसानों ने 996701 एकड़ का पंजीकरण कराया
➤ 12 लोगों की मौत पर 48 लाख रुपये अनुग्रह सहायता जारी की गई
➤ 135 चिकित्सा शिविर लगाए, 376 शिविर चल रहे, हरियाणा ने हिमाचल को 5 करोड़ रुपये की मदद दी

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न हुई गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी प्रेस वार्ता के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि सरकार लगातार प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रही है और नागरिकों को राहत पहुँचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसके तहत बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया है, जिस पर अब तक 2897 गांवों के 169738 किसानों ने 996701 एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण करवाया है।

सीएम सैनी ने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर बाढ़ व जलभराव से ग्रस्त क्षेत्रों में राहत कार्य जारी हैं। इन प्रयासों के तहत जिलों को कुल 3 करोड़ 6 लाख रुपये की आरक्षित निधि भी स्वीकृत की गई। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए बताया कि प्रदेश में मकान गिरने की घटनाओं में कुल 12 लोगों की जान चली गई है, जिनमें फतेहाबाद व भिवानी से तीन-तीन, कुरुक्षेत्र व यमुनानगर से दो-दो, हिसार व फरीदाबाद से एक-एक व्यक्ति शामिल है। इनके शोक संतप्त परिवारों को सरकार द्वारा 48 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता प्रदान की गई है।

इसके अलावा, जिन लोगों को बाढ़ के कारण अपने घर छोड़ना पड़ा, उनके लिए राहत शिविर भी लगाए जा रहे हैं। खराब फसलों वाले क्षेत्रों में प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक मुआवजा देने का प्रावधान रखा गया है। हरे चारे की कमी पूरी करने के लिए अन्य जिलों से सूखा चारा मंगवाया जाएगा। साथ ही, जलभराव वाले क्षेत्रों में गिर चुके अथवा आंशिक नुकसान वाले मकानों का सर्वे कराकर उन्हें नुकसान की भरपाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 135 चिकित्सा शिविर लगाए जा चुके हैं और 376 शिविर चल रहे हैं, ताकि प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती रहें।

नायब सैनी ने यह भी बताया कि हरियाणा सरकार ने पहले ही जम्मू-कश्मीर और पंजाब को 5-5 करोड़ रुपये की मदद दी थी, और आज हिमाचल प्रदेश के लिए भी 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी की गई है। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठक में बाढ़ राहत कार्यों पर विचार-विमर्श किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का जीएसटी सुधारों के लिए आभार जताया।

इसके अतिरिक्त, प्रदेश में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा चलाया जाएगा। सभी विधायक और समर्थित विधायक अपना एक महीना वेतन बाढ़ राहत के लिए देंगे। अधिकारी और कर्मचारी भी स्वेच्छा से मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि 20 वर्षों से एक ही स्थान पर रह रहे मकान मालिकों की छत को नुकसान होने पर उन्हें भी सहायता दी जाएगी।

हरियाणा सरकार प्रभावित नागरिकों के साथ हर कदम पर खड़ी है और स्थिति में सुधार के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।