चानौत विवाद पर मुख्यमंत्री सैनी बोले- बातचीत से निकलेगा समाधान, अगर ग्रामीण PM से मिलकर अपनी बात रखना चाहते हैं, तो यह उनका निर्णय है
चानौत गांव के धरने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार हर घर तक पेयजल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। गांव तक सीधी पाइपलाइन बिछाने और जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने पर तेजी से काम किया जा रहा है।
➤ चानौत गांव में पानी की कमी नहीं रहने देंगे, हर घर तक पेयजल पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी
➤ किसानों के प्रधानमंत्री से मिलने के फैसले पर बोले CM- सरकार ने कई बार बातचीत कर समाधान का प्रयास किया
➤ सीधी पाइपलाइन, खराब जल व्यवस्था की मरम्मत और नई योजना पर तेजी से काम शुरू
चानौत गांव में पेयजल को लेकर चल रहे धरने के बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक बार फिर सरकार का पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि हर घर तक पर्याप्त पीने का पानी पहुंचाया जाए और इसी उद्देश्य से लगातार काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने गांव के लोगों को कई बार बातचीत के लिए बुलाया, मंत्रियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी मौके पर भेजा, लेकिन यदि ग्रामीण अब प्रधानमंत्री से मिलकर अपनी बात रखना चाहते हैं, तो यह उनका निर्णय है। सरकार की प्राथमिकता केवल एक है कि चानौत गांव सहित प्रदेश के किसी भी नागरिक को पीने के पानी की कमी का सामना न करना पड़े।
सरकार ने कई दौर की बातचीत का किया दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि चानौत गांव के लोगों के साथ कई चरणों में बातचीत हुई है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से महिपाल ढांडा, रणबीर गंगवा और स्थानीय विधायक भी गांव पहुंचे तथा ग्रामीणों से विस्तार से चर्चा की। सरकार ने अलग से पानी उपलब्ध कराने सहित कई विकल्प भी ग्रामीणों के सामने रखे, ताकि धरने का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हमेशा संवाद के पक्ष में रही है और आगे भी बातचीत के रास्ते खुले रहेंगे।
उन्होंने कहा कि किसानों ने अब प्रधानमंत्री से मिलने का फैसला लिया है। सरकार इस निर्णय का सम्मान करती है, लेकिन प्रदेश सरकार अपने स्तर पर भी लगातार समाधान निकालने में जुटी हुई है। उनका कहना था कि किसी भी गांव की पेयजल समस्या को अनदेखा नहीं किया जाएगा।
450 स्थानों पर जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 450 स्थानों पर भूजल और जलापूर्ति से जुड़ी तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं। कई स्थानों पर नीचे से पानी आने के कारण पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई है। सरकार ने इन सभी स्थानों की पहचान कर ली है और वॉटर वर्क्स समिति के माध्यम से मरम्मत कार्य कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए आवश्यक टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है और संबंधित विभागों को तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार केवल अस्थायी समाधान नहीं बल्कि स्थायी व्यवस्था तैयार कर रही है ताकि भविष्य में ग्रामीणों को ऐसी समस्या का सामना न करना पड़े।
चानौत गांव तक सीधी पाइपलाइन बिछाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि जिस मुख्य लाइन से पानी की सप्लाई की जा रही है, वहीं से चानौत गांव तक सीधी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इससे गांव में पानी की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में होगी और बार-बार आने वाली दिक्कत समाप्त हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि जब गांव के लोग उनसे मिले तो उन्होंने बताया कि उन्हें पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। इस पर सरकार ने भरोसा दिलाया कि गांव में पीने के पानी की किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चानौत गांव के लोग विकास कार्यों में हमेशा सरकार का सहयोग करते रहे हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि यह विवाद भी आपसी बातचीत और सहमति से समाप्त हो जाएगा।
हरियाणा के हिसार जिले (हांसी उपमंडल) के चणौत (Chanot) गांव में चल रहा विवाद पूरी तरह से पीने के साफ पानी (पेजल संकट) को लेकर है। यह विवाद पिछले कुछ महीनों से बहुत बड़ा आंदोलन बन चुका है।
क्या है विवाद, जानें पूरा मामला
सरकार की 'अमृत योजना' (AMRUT Scheme) के तहत भाखड़ा नहर से हांसी शहर तक पीने का पानी पहुंचाने के लिए करीब 30 किलोमीटर लंबी एक नई हाई-प्रेशर पाइपलाइन बिछाई जा रही है। यह पाइपलाइन चणौत गांव के पास से होकर गुजर रही है।
चणौत गांव के लोग पिछले 20 साल से खारे और दूषित पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। जब ग्रामीणों ने देखा कि उनके गांव के पास से ही साफ पानी की इतनी बड़ी लाइन जा रही है, तो उन्होंने मांग की कि इस पाइपलाइन में एक 'T-connection' (टी-ज्वाइंट) देकर उनके गांव को भी इस साफ पानी से जोड़ा जाए।
प्रशासन और ग्रामीणों के बीच असहमति
सरकार और प्रशासन ने ग्रामीणों को सीधे इस शहरी पाइपलाइन से कनेक्शन देने से मना कर दिया।
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सरकार का प्रस्ताव: प्रशासन का कहना है कि वे 'जल जीवन मिशन' के तहत 'राजली हेड' से चणौत गांव के लिए करीब 8 किलोमीटर लंबी एक अलग नई पाइपलाइन बिछा देंगे। इसके लिए बजट भी जारी करने की बात कही गई।
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ग्रामीणों का विरोध: ग्रामीणों ने सरकार के इस ऑफर को ठुकरा दिया। उनका कहना है कि 8 किलोमीटर लंबी अलग लाइन को चलाने के लिए भारी-भरकम बिजली और मोटरों की जरूरत होगी। हरियाणा में बिजली की आंख-मिचौली और लो-वोल्टेज के कारण वह सप्लाई हमेशा ठप रहेगी। इसलिए वे इसी पास से गुजर रही हाई-प्रेशर शहरी लाइन से ही सीधा कनेक्शन (T-connection) चाहते हैं।
'T-Joint' लगाने और उखाड़ने का आधी रात का ड्रामा
जून 2026 के महीने में यह विवाद तब हिंसक मोड़ पर आ गया, जब हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के एक पूर्व पदाधिकारी की अगुवाई में इस पाइपलाइन में 'T-joint' (कनेक्शन) फिट कर दिया गया। दावा किया गया कि इसकी मंजूरी सरकार से मिल गई है।
लेकिन इसके दो ही दिन बाद, प्रशासन ने इसे 'अवैध और अनधिकृत' (Unauthorized) बताते हुए भारी पुलिस बल के साथ आधी रात को जेसीबी (JCB) मशीन चलाकर उस टी-ज्वाइंट को उखाड़ दिया। इस दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया, जिसमें कुछ ग्रामीण और पुलिसकर्मी घायल भी हुए।
मौजूदा स्थिति: आंदोलन अब बड़ा रूप ले चुका है
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नेताओं का बहिष्कार: इस पुलिसिया कार्रवाई से नाराज चणौत गांव के लोगों ने स्थानीय भाजपा विधायक का गांव में हुक्का-पानी बंद (सामाजिक बहिष्कार) करने और एंट्री बैन करने का एलान कर दिया है।
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24 गांवों का समर्थन: अब यह लड़ाई सिर्फ चणौत गांव की नहीं रही। इलाके की खाप पंचायतों और आसपास के 24 गांवों ने इस आंदोलन को अपना समर्थन दे दिया है। रणनीति बनाई गई है कि हर दिन एक अलग गांव का नेतृत्व धरने पर बैठेगा ताकि आंदोलन लंबा खिंच सके।
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हाईवे जाम: ग्रामीण अपनी मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं और हाल ही में हांसी-बरवाला रोड पर टेंट लगाकर हाईवे भी जाम किया गया।
Akhil Mahajan