चंडीगढ़ सिविल सचिवालय को अचानक कराया गया खाली, कर्मचारियों को ओपन पार्किंग एरिया में इकट्ठा होने के निर्देश, सुरक्षा ड्रिल या प्रोटोकॉल को लेकर बना असमंजस

चंडीगढ़ सिविल सचिवालय को अचानक खाली कराया गया। कर्मचारियों को ओपन पार्किंग में भेजा गया। मॉक ड्रिल या सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं।

चंडीगढ़ सिविल सचिवालय को अचानक कराया गया खाली, कर्मचारियों को ओपन पार्किंग एरिया में इकट्ठा होने के निर्देश, सुरक्षा ड्रिल या प्रोटोकॉल को लेकर बना असमंजस


चंडीगढ़ में हरियाणा और पंजाब सिविल सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी
ईमेल के जरिए धमकी मिलने के बाद दोनों सचिवालय खाली कराए गए
बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड द्वारा सघन जांच जारी

चंडीगढ़ में स्थित हरियाणा और पंजाब सिविल सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। यह धमकी ईमेल के माध्यम से दी गई, जिसके बाद तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया।

धमकी की सूचना मिलते ही दोनों सिविल सचिवालय भवनों को एहतियातन खाली करवाया गया। सचिवालय में काम कर रहे सभी कर्मचारियों को तत्काल भवन छोड़ने और नीचे ओपन पार्किंग एरिया में एकत्र होने के निर्देश दिए गए। कुछ ही देर में पूरा सचिवालय परिसर खाली करा लिया गया।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत मौके पर बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को तैनात किया गया। दोनों ही सचिवालय परिसरों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हर फ्लोर, कार्यालय और आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से जांच की जा रही है।

फिलहाल किसी भी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जांच पूरी होने तक सचिवालय में प्रवेश पर रोक लगाई गई है।

बता दें कि  बुधवार को बिना पूर्व सूचना के सिविल सचिवालय भवन को खाली करवाया गया, जिससे कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मौके पर मौजूद कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि वे तुरंत अपने-अपने कार्यालय छोड़कर ओपन पार्किंग एरिया में एकत्रित हों। इस दौरान किसी भी प्रकार की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई, जिससे कर्मचारियों के बीच असमंजस और चर्चाओं का दौर चलता रहा।

सूत्रों के अनुसार, ऐसी स्थिति अक्सर मॉक ड्रिल, फायर सेफ्टी चेकिंग या सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत बनाई जाती है। कई बार प्रशासन जानबूझकर पहले से सूचना नहीं देता ताकि आपात स्थिति में वास्तविक प्रतिक्रिया और तैयारियों का आकलन किया जा सके।

फिलहाल प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह कार्रवाई ड्रिल का हिस्सा थी या किसी संभावित खतरे के मद्देनज़र की गई। कर्मचारियों को आगे के निर्देशों का इंतजार करने को कहा गया है।