30 करोड़ रुपए के घोटाले में बीडीपीओ पूजा शर्मा की गिरफ्तारी सिर्फ लीपा पोती- नीरज शर्मा, पूर्व विधायक एनआईटी फरीदाबाद

पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने 30 करोड़ रुपए के घोटाले में बीडीपीओ पूजा शर्मा की गिरफ्तारी को लीपा पोती करार दिया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई, संपत्ति जब्ती और जनता का हक लौटाने की मांग की।

30 करोड़ रुपए के घोटाले में बीडीपीओ पूजा शर्मा की गिरफ्तारी सिर्फ लीपा पोती- नीरज शर्मा, पूर्व विधायक एनआईटी फरीदाबाद

➤ 30 करोड़ रुपए के घोटाले में बीडीपीओ पूजा शर्मा की गिरफ्तारी को नीरज शर्मा ने लीपा पोती करार दिया
➤ पूर्व विधायक ने एडीसी रिपोर्ट और संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और संपत्ति जब्ती की मांग की
➤ कोरोना संकट के समय करोड़ों रुपए के संदिग्ध लेनदेन और फरार अधिकारियों की सुविधाजनक पोस्टिंग पर सवाल उठाए

फरीदाबाद/दिल्ली/चंडीगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने 30 करोड़ रुपए के घोटाले को लेकर सरकार की कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उनका कहना था कि यह बड़ी हैरानी की बात है कि जिस मामले में उन्होंने वर्ष 2021 से लगातार पत्राचार किया और विधानसभा सत्र में आवाज उठाई, उसके बावजूद भ्रष्टाचार की जांच में केवल दिखावटी कार्रवाई की गई।

नीरज शर्मा ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी पुलिस, विजिलेंस और सभी संबंधित विभागों को पत्र लिखकर इस मामले की जांच विजिलेंस से करवाने की मांग की थी। इसके बावजूद विजिलेंस को सौंपे गए मामले में एडीसी साहब की रिपोर्ट में ब्रह्मपाल, हरिंदर, जोगिंदर, बीडीपीओ पूजा शर्मा और अन्य के खिलाफ करीब 20 करोड़ रुपए के ऐसे लेनदेन सामने आए हैं, जिनके रिकॉर्ड अभी तक गायब हैं।

पूर्व विधायक ने सवाल उठाया कि वर्तमान सरकार नोटबंदी की वजह से एक साल में 2 लाख रुपए से अधिक के लेनदेन को रोकती है, तो कोरोना संकट के समय, जब आमजन जीवन यापन के लिए संघर्ष कर रहे थे, ऐसे में आरोपी अधिकारी और अन्य लोग आपदा का अवसर बनाकर करोड़ों रुपए की लूट में संलिप्त थे। उन्होंने कहा कि पांच साल बाद ऐसे रिकॉर्ड कैसे मिलेंगे और जनता के हड़प लिए गए 30 करोड़ रुपए कैसे वसूल किए जाएंगे, यह बड़ा सवाल है।

नीरज शर्मा ने सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ एडीसी रिपोर्ट और संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर तुरंत कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही दोषी अधिकारियों की संपत्ति जब्त की जाए और जनता का हक ग्राम पंचायतों के खातों में पुनः डलवाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों को ऐसी सजा दी जानी चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी अधिकारी भ्रष्टाचार करने की सोच भी न सके।

पूर्व विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि बीडीपीओ पूजा शर्मा काफी समय से फरार थी, और फरार होने के बावजूद उसे अच्छी पोस्टिंग दी गई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि किन नेताओं की सिफारिश पर इस सुविधा की अनुमति दी गई।

नीरज शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल भ्रष्टाचार की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम जनता के हक और सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का भी महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की इस परत को उजागर करना और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाना न केवल वित्तीय मामलों में सुधार लाएगा, बल्कि आम नागरिकों का विश्वास भी बढ़ाएगा।

पूर्व विधायक ने यह भी जोर देकर कहा कि इस मामले में न्याय और पारदर्शिता की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न रह सके। उन्होंने सरकार से अपील की कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जनता का पैसा वापस उनके अधिकारित खातों में पहुंचे और किसी भी प्रकार की लीपा पोती या संरक्षण नीति लागू न हो।