आयुष्मान कार्ड के नियम बदले, जानें
आयुष्मान भारत योजना के तहत अब आधार आधारित e-KYC अनिवार्य कर दी गई है। बिना सत्यापन नया कार्ड नहीं बनेगा और पुराने कार्ड पर फ्री इलाज रुक सकता है।
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आयुष्मान कार्ड के लिए आधार आधारित e-KYC अनिवार्य
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बिना e-KYC नया कार्ड नहीं बनेगा, पुराने कार्ड पर इलाज रुक सकता है
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फर्जीवाड़ा रोकने को BIS 2.0 और AI सिस्टम लागू
नई दिल्ली। आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज का लाभ ले रहे करोड़ों परिवारों के लिए सरकार ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब आयुष्मान कार्ड बनवाने और उसे सक्रिय रखने के लिए आधार आधारित e-KYC अनिवार्य कर दी गई है। जिन लाभार्थियों की e-KYC पूरी नहीं होगी, उनका फ्री इलाज प्रभावित हो सकता है।नेशनल हेल्थ अथॉरिटी ने कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को और सख्त करते हुए BIS 2.0 प्रणाली लागू की है। इस नई व्यवस्था के तहत लाभार्थियों की पहचान आधार के जरिए पुख्ता सत्यापन के बाद ही की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ सिर्फ वास्तविक और पात्र लोगों को ही मिले।
सरकार ने फर्जी आयुष्मान कार्ड पकड़ने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा भी लिया है। जांच में हजारों कार्ड संदिग्ध पाए गए हैं। कई मामलों में फिजिकल वेरिफिकेशन चल रहा है और जो कार्ड फर्जी पाए जा रहे हैं, उनकी मेडिकल सुविधा तुरंत बंद की जा रही है।
इसके साथ ही परिवार के नए सदस्य जोड़ने के नियम भी सख्त कर दिए गए हैं। पहले जहां यह प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान थी, अब सही दस्तावेज और जांच के बिना नया नाम जोड़ना संभव नहीं होगा। सरकार का कहना है कि इससे सिर्फ जरूरतमंद परिवार ही योजना में बने रहेंगे।
सरकार के मुताबिक, बदलाव इसलिए जरूरी थे क्योंकि कई अपात्र लोग योजना का फायदा उठा रहे थे। इससे सरकारी संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा था और असली जरूरतमंदों को नुकसान हो रहा था। नए नियमों का मकसद सिस्टम को पारदर्शी और साफ बनाए रखना है।
यदि किसी लाभार्थी का आयुष्मान कार्ड आधार से लिंक नहीं है या जानकारी गलत है, तो इलाज के समय दिक्कत आ सकती है। इसलिए सरकार ने सलाह दी है कि लोग समय रहते e-KYC और कार्ड स्टेटस की जांच कर लें, ताकि जरूरत पड़ने पर मुफ्त इलाज में कोई रुकावट न आए।
Akhil Mahajan