असरानी का निधन: दिवाली के दिन सिनेमा ने खोया हंसी का बादशाह

दिवाली के दिन मशहूर कॉमेडियन और अभिनेता गोवर्धन असरानी का निधन हो गया। 4 दिनों से अस्पताल में भर्ती असरानी की तबीयत बिगड़ने के बाद दोपहर में निधन हो गया। उन्होंने कुछ घंटे पहले ही फैंस को दिवाली की शुभकामनाएं दी थीं।

असरानी का निधन: दिवाली के दिन सिनेमा ने खोया हंसी का बादशाह

भारतीय सिनेमा के दिग्गज एक्टर असरानी का निधन
चार दिन से थे अस्पताल में भर्ती, छाती में पानी भर गया था
दिवाली से कुछ घंटे पहले ही दी थी शुभकामनाएं



दिवाली जैसे उल्लास और खुशियों के दिन पर भारतीय सिनेमा जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर कॉमेडियन और वर्सेटाइल एक्टर गोवर्धन असरानी का निधन हो गया है। असरानी पिछले चार दिनों से बीमार चल रहे थे और मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती थे। जानकारी के अनुसार उनकी छाती में पानी भर गया था, जिसके चलते डॉक्टर उनका इलाज कर रहे थे। आज दोपहर करीब तीन बजे उन्होंने अंतिम सांस ली

असरानी ने अपने निधन से कुछ घंटे पहले ही अपने प्रशंसकों को दिवाली की शुभकामनाएं दी थीं। यह जानकर उनके चाहने वालों के बीच गहरा सदमा है कि जो शख्स हमेशा मुस्कान बांटता रहा, वही दिवाली के दिन सबको रुला गया।

असरानी का अंतिम संस्कार मुंबई के सांताक्रूज स्थित शांतिनगर श्मशान भूमि में कर दिया गया। फिल्म इंडस्ट्री के कई सितारों और उनके करीबी मित्रों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। परिवार ने बताया कि वे पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे, लेकिन तबीयत अचानक बिगड़ जाने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

गोवर्धन असरानी, जिन्हें देशभर में सिर्फ “असरानी” नाम से जाना जाता है, का जन्म जयपुर (राजस्थान) में हुआ था। उन्होंने 1967 में रिलीज हुई फिल्म ‘हरे कांच की चूड़ियां’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने लगभग 58 वर्षों तक भारतीय सिनेमा को अपनी अद्भुत कॉमेडी और वर्सेटाइल एक्टिंग से सजाया।

असरानी ने न सिर्फ हास्य भूमिकाओं में, बल्कि कई गंभीर किरदारों में भी अपनी पहचान बनाई। उनकी फिल्म ‘शोले’ में जेलर का किरदार आज भी लोगों की जुबान पर है। उनका संवाद “हम अंग्रेजों के ज़माने के जेलर हैं” आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार लाइनों में से एक माना जाता है।

भारतीय सिनेमा ने आज एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसने हर दशक में अपनी पहचान बनाए रखी। दिवाली के दिन असरानी का यूं जाना फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों के लिए एक बड़ा सदमा है।