डिलीवरी के बाद महिला की मौत, फिर मॉर्च्युरी में शव को चूहों ने कुतरा: परिजनों का हंगामा, रोड जाम कर तोड़े वाहनों के शीशे
हांसी की महिला की डिलीवरी के बाद मौत हो गई। हिसार की मॉर्च्युरी में शव को चूहों द्वारा नुकसान पहुंचाने के आरोप के बाद परिजनों ने रोड जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
➤ डिलीवरी के बाद महिला की मौत, मॉर्च्युरी में शव के साथ लापरवाही का आरोप
➤ परिजनों ने एम्बुलेंस खड़ी कर लगाया जाम, कई वाहनों के शीशे तोड़े
➤ नवजात बेटी को छोड़ गई मां, परिवार ने इलाज और मॉर्च्युरी व्यवस्था पर उठाए सवाल
हिसार। हिसार के सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखे एक महिला के शव को चूहों द्वारा कुतरने के आरोप के बाद रविवार को हंगामा खड़ा हो गया। गुस्साए परिजनों ने हांसी की तोशाम चुंगी पर एम्बुलेंस खड़ी कर रोड जाम कर दिया। प्रदर्शन में किन्नर समाज के लोग भी शामिल हो गए, जिसके चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने ईंटें फेंककर दो वाहनों के शीशे तोड़ दिए। इससे वाहन चालकों और प्रदर्शनकारियों के बीच कहासुनी भी हुई। सूचना मिलने पर डीएसपी विनोद शंकर, शहर थाना प्रभारी सुखजीत सिंह और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने जाम खुलवाया और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने हंगामा करने वाले कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया।
मामला हांसी निवासी कोमल (25) की मौत से जुड़ा है। परिजनों के अनुसार कोमल को पहली डिलीवरी के लिए हांसी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने नॉर्मल डिलीवरी की बजाय सिजेरियन ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान एक नस कट गई, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा और उसकी हालत गंभीर हो गई।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल में स्थिति नहीं संभलने पर कोमल को हिसार रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में रामायण टोल के पास ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को हिसार के सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया गया और रविवार को पोस्टमॉर्टम होना था।
विवाद उस समय खड़ा हुआ जब रविवार सुबह परिजन मॉर्च्युरी पहुंचे। उनका आरोप है कि डीप फ्रीजर के आसपास चूहे घूम रहे थे। जब शव को बाहर निकाला गया तो कोमल के माथे की खाल उधड़ी हुई मिली। परिवार का कहना है कि पहले माथे पर किसी प्रकार का कोई घाव नहीं था और मॉर्च्युरी में रखे जाने के दौरान ही शव को नुकसान पहुंचा।
परिजनों ने मॉर्च्युरी की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि वहां सफाई और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने मॉर्च्युरी के पास चूहों के बिल और अन्य अव्यवस्थाओं की ओर भी ध्यान दिलाया।
मृतका के पति सुभाष ने आरोप लगाया कि हांसी के अस्पताल में उनकी पत्नी को समय पर और उचित उपचार नहीं मिला। उन्होंने बताया कि भर्ती के दौरान कोमल लगातार दर्द में थी और अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। इसके बावजूद स्थिति की गंभीरता को नजरअंदाज किया गया।
सुभाष ने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे कोमल ने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया था। परिवार में छह साल बाद बच्चे की किलकारी गूंजी थी, लेकिन कुछ घंटों बाद ही कोमल की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
कोमल की जेठानी रूबी नवजात बच्ची को गोद में लेकर रोती नजर आईं। उन्होंने कहा कि शादी के छह साल बाद परिवार में बेटी का जन्म हुआ था, लेकिन बच्ची के जन्म के कुछ घंटों बाद ही उसकी मां दुनिया छोड़ गई। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस मासूम बच्ची की परवरिश कौन करेगा।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजन इलाज में लापरवाही और मॉर्च्युरी की बदहाल व्यवस्था की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
Akhil Mahajan