अंबाला में सिखों-किसानों और पुलिस में टकराव, DSP का अंगूठा कटा; 7 पुलिसकर्मी ICU में, हाईवे पर घंटों बवाल

अंबाला में सिखों-किसानों और पुलिस में टकराव के बाद DSP का अंगूठा कट गया। 6-7 पुलिसकर्मी ICU में भर्ती हुए। हाईवे पर घंटों प्रदर्शन चला।

अंबाला में सिखों-किसानों और पुलिस में टकराव, DSP का अंगूठा कटा; 7 पुलिसकर्मी ICU में, हाईवे पर घंटों बवाल

मंड पर हमला करने वालों की रिहाई को लेकर हाईवे पर डटे प्रदर्शनकारी, पुलिस से हुआ टकराव
DSP का अंगूठा कटा, 6-7 पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें; ICU में कराया गया भर्ती
पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े, दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे पर यातायात प्रभावित


हरियाणा के अंबाला में सिख जत्थेबंदियों और किसानों के प्रदर्शन के दौरान गुरुवार शाम पुलिस के साथ जोरदार टकराव हो गया। प्रदर्शनकारी पंजाब के खालिस्तान विरोधी नेता गुरसिमरन सिंह मंड पर छह दिन पहले हुए हमले के आरोपियों की रिहाई की मांग को लेकर दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर डटे हुए थे। दोपहर करीब 1 बजे से हाईवे जाम था। देर शाम जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाकर रास्ता खुलवाने की कोशिश की तो स्थिति अचानक बिगड़ गई। टकराव के दौरान अंबाला के एक DSP का अंगूठा कट गया, जबकि 6-7 पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आईं और उन्हें ICU में भर्ती कराया गया। कुछ प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े।

दरअसल, सिख जत्थेबंदियां और किसान मंड के खिलाफ FIR दर्ज करने के साथ-साथ उसके ऊपर हुए हमले के मामले में जेल में बंद आरोपियों को छोड़ने की मांग कर रहे थे। इसी मांग को लेकर गुरुवार दोपहर गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब में बैठक हुई थी। बैठक के बाद प्रदर्शनकारियों ने हाईवे की ओर रुख किया और करीब 1 बजे सड़क पर डेरा डाल दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पंजोखरा से अंबाला जाने वाले रास्ते पर जगह-जगह भारी बैरिकेडिंग की थी, लेकिन भीड़ ने बैरिकेड तोड़ दिए। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

हालात बिगड़ने पर पुलिस ने मंडौर के पास प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। प्रदर्शनकारी इसके बाद एनएच-24 पर भी जाम लगाकर बैठ गए। हाईवे पर बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई।

सात घंटे तक हाईवे पर चला विवाद

प्रदर्शनकारियों के हाईवे पर बैठने के बाद पुलिस अधिकारियों ने बातचीत के जरिए रास्ता निकालने की कोशिश की। अंबाला रेंज के IG पंकज नैन और SP अजीत शेखावत भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें हाईवे खाली करने के लिए मनाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।

स्थिति को देखते हुए पुलिस ने दिल्ली से पंजाब-चंडीगढ़ और हिमाचल जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट करना शुरू कर दिया। हाईवे पर प्रदर्शन जारी रहने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा और यातायात प्रभावित रहा।

मंड पर FIR की मांग पुलिस ने मानी, लेकिन रिहाई पर अटका मामला

इस पूरे विवाद की शुरुआत गुरसिमरन सिंह मंड पर हुए हमले के मामले से हुई थी। मंड की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था और गांव कलरहेड़ी के दो युवकों को हिरासत में लिया गया था। सिख जत्थेबंदियों और किसानों का आरोप था कि मंड की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई कर दी, जबकि दूसरी तरफ उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

इसी को लेकर गुरुवार दोपहर गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब में सिख संगत की बैठक बुलाई गई। बैठक में मंड के खिलाफ FIR दर्ज करने और उसके हमले के आरोपियों को रिहा करने की मांग उठाई गई। इसके बाद प्रदर्शनकारी हाईवे पर पहुंच गए।

देर शाम पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से दोबारा बातचीत की। रात करीब साढ़े आठ बजे पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की और मंड पर FIR दर्ज करने की मांग मान ली। लेकिन प्रदर्शनकारी जेल में बंद अपने दो साथियों की तत्काल रिहाई की मांग पर अड़े रहे। इसी मांग को लेकर बातचीत में पेंच फंस गया।

रात करीब 9 बजे हटाने की कार्रवाई शुरू, फिर बिगड़े हालात

जब प्रदर्शनकारी हाईवे से हटने को तैयार नहीं हुए तो रात करीब 9 बजे पुलिस ने उन्हें हटाने की कार्रवाई शुरू की। इसके बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव बढ़ा। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।

इसी दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। अंबाला के एक DSP का अंगूठा कट गया, जबकि 6-7 अन्य पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आईं। उन्हें ICU में भर्ती कराया गया। प्रदर्शनकारियों में भी कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी है।

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना रहा। पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी।

पहले बैठक, फिर हाईवे पर प्रदर्शन और आखिर में टकराव

पूरे घटनाक्रम में पहले गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब में सिख संगत की बैठक हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारी हाईवे पर पहुंचे और रास्ता जाम कर दिया। पुलिस ने बैरिकेडिंग के जरिए उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए। इसके बाद धक्का-मुक्की और आंसू गैस के इस्तेमाल का दौर चला।

दिनभर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश होती रही। पुलिस ने मंड पर FIR दर्ज करने की मांग मान ली, लेकिन जेल में बंद दो आरोपियों की तत्काल रिहाई की मांग पर सहमति नहीं बन सकी। इसी के बाद देर रात पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई शुरू की और टकराव की स्थिति पैदा हो गई।