अंधेरा होते ही हथियारों से लैस भीड़ ने किया हमला, गैस टैंकर से बड़ी शरारत की फिराक में थे शरारती तत्व, एसपी का दावा
अंबाला बवाल में SP ने हथियारबंद भीड़, गैस टैंकर से शरारत और DSP पर हमले का दावा किया। सात पुलिसकर्मी ICU में भर्ती हैं।
➤ अंधेरा होते ही हथियारों से लैस भीड़ ने पुलिस पर हमला किया
➤ गैस टैंकर की चाबी छीनकर बड़ी शरारत की कोशिश का SP का दावा
➤ DSP वीरेंद्र समेत कई पुलिसकर्मी घायल, सात ICU में भर्ती
हरियाणा के अंबाला में गुरुवार को करीब 11 घंटे चले बवाल को लेकर पुलिस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। अंबाला SP अजीत सिंह शेखावत ने पूरे घटनाक्रम को बड़ी साजिश बताते हुए कहा कि अंधेरा होते ही भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर हमला शुरू कर दिया। पुलिस की ओर से जारी की गई कुछ तस्वीरों में कई सिख युवक फरसे, भाले और अन्य हथियार लिए दिखाई दे रहे हैं। SP का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने जाम में फंसे एक गैस टैंकर की चाबी छीन ली थी और उससे बड़ी शरारत करने की कोशिश की जा रही थी। टैंकर को सुरक्षित निकालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
अंबाला SP अजीत सिंह शेखावत ने कहा कि पुलिस की प्रदर्शनकारियों के साथ कई दौर की बातचीत हुई थी। पुलिस ने बार-बार जाम खुलवाने का आग्रह किया, लेकिन समाधान नहीं निकलने दिया गया। उन्होंने कहा कि जानबूझकर लंबे समय तक मोर्चा लगाने की बातें की गईं। इसके बाद पुलिस ने कुछ फोर्स का इस्तेमाल करके हाईवे को क्लियर कराने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति और बिगड़ गई।
SP के मुताबिक, भीड़ में कुछ शरारती तत्व भाले, फरसे, तलवार और कुल्हाड़ी लेकर शामिल थे। जैसे ही अंधेरा होने लगा, इन लोगों ने पुलिसकर्मियों पर हमला करना शुरू कर दिया। उनका दावा है कि कुछ लोगों ने ट्रकों की चाबियां भी छीन लीं, ताकि जाम को हटाया न जा सके और रातभर उत्पात मचाया जा सके।
सबसे गंभीर आरोप गैस टैंकर को लेकर लगाया गया है। SP अजीत सिंह शेखावत ने कहा कि जाम में एक गैस टैंकर फंस गया था। प्रदर्शनकारियों ने उसके ड्राइवर से चाबी छीन ली। पुलिस की ओर से कई बार आग्रह किया गया कि गैस टैंकर को वहां से निकलने दिया जाए, ताकि किसी तरह का हादसा न हो। SP ने दावा किया कि कुछ शरारती तत्व ड्राइवर से चाबी छीनकर भाग गए और टैंकर को लेकर शरारत करने का इरादा बार-बार दिखाई दिया।
SP ने पुलिसकर्मियों पर हमले को लेकर भी गंभीर दावा किया। उन्होंने कहा कि मामला भड़काने के लिए DSP पर जानलेवा हमला किया गया और पुलिस के मुलाजिमों को भी निशाना बनाया गया। उनके मुताबिक प्रारंभिक तौर पर 5-6 पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि 2-3 पुलिसकर्मियों को हेड इंजरी हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को डील करेगी और आरोपियों की पहचान करके उनके खिलाफ केस जरूर दर्ज किया जाएगा।
इस बवाल में DSP वीरेंद्र के हाथ का अंगूठा धारदार हथियार लगने से कट गया। डॉक्टरों को उसे जोड़ने के लिए कई टांके लगाने पड़े। पुलिस के मुताबिक कई पुलिसकर्मियों को कैंट सिविल और मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया। सात पुलिसकर्मियों की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें ICU में रखा गया है।
SP अजीत सिंह शेखावत ने कहा, "हमारे एक DSP के ऊपर फरसे से अटैक हुआ, जिससे उनका हाथ का अंगूठा कटने के कगार पर है।"
DGP अजय सिंघल ने भी पुलिस के इसी दावे को आगे बढ़ाते हुए कहा कि कुछ शरारती तत्वों ने मामला सुलझने नहीं दिया। उन्होंने बताया कि गुरसिमरन सिंह मंड पर FIR की मांग मान ली गई थी, लेकिन इसके बाद पुलिस पर पथराव किया गया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
इस बीच मामले को लेकर हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से भी बैठक बुलाई गई है। कमेटी के सदस्य गुरतेज सिंह ने बताया कि पंजोखरा साहिब विवाद को लेकर शुक्रवार दोपहर दो बजे सिख जत्थेबंदियों की बैठक बुलाई गई है।
गुरतेज सिंह ने यह भी बताया कि रात की घटना में उनके जूनियर मीत गुरबीर सिंह तलाकौर, गुहला-चीका (कैथल) से मेंबर गुरतेज सिंह और उन्हें खुद चोटें आई थीं। उन्होंने बताया कि गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब में डॉक्टर को बुलाकर उनका उपचार कराया गया। इसके बाद सभी अपने-अपने घर लौट गए।
पुलिस की ओर से जारी तस्वीरों में कुछ प्रदर्शनकारी हथियारों से लैस दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने इन्हीं तस्वीरों को सामने रखते हुए भीड़ में हथियारबंद लोगों की मौजूदगी का दावा किया है। एक तस्वीर में प्रदर्शनकारियों के हमले में घायल पुलिसकर्मी दिखाई दे रहे हैं। वहीं, दूसरी तस्वीर में DSP वीरेंद्र के अंगूठे में आई गंभीर चोट दिखाई गई है।
सात दिन से चल रहा था पंजोखरा साहिब विवाद
अंबाला में गुरुवार को हुआ बवाल अचानक नहीं हुआ। पिछले सात दिनों से यह विवाद लगातार बढ़ता जा रहा था। 7 अगस्त को इंटरनेशनल एंटी खालिस्तान टेरेरिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष गुरसिमरन सिंह मंड Y+ सिक्योरिटी के साथ अंबाला के पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे में आए थे। आरोप है कि मंड की गाड़ी से कुछ लोगों को चोट लगी। इसके बाद निहंगों और भीड़ ने मंड को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और उनकी इनोवा गाड़ी तोड़ दी।
9 अगस्त को मंड पर हमला करने के आरोप में दो आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। सिख जत्थेबंदियों का आरोप था कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई की है। इसी को लेकर पंजोखरा थाने का घेराव किया गया और दोनों आरोपियों की तुरंत रिहाई की मांग की गई।
इसके बाद 13 अगस्त को गिरफ्तार आरोपियों की रिहाई के लिए पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे में बैठक हुई। बैठक के बाद सिख जत्थेबंदियां जीटी रोड जाम लगाने पहुंच गईं। देर शाम प्रदर्शनकारियों की मांग पर पुलिस ने गुरसिमरन सिंह मंड और उनके बेटे भवजोत सिंह के खिलाफ पंजोखरा थाने में धारा 281, 125 (ए), 109 (1) और 61 के तहत केस दर्ज कर लिया।
यह केस गुरुद्वारा साहिब में सेवा देने आए घायल सुरेंद्र सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया था। हालांकि प्रदर्शनकारी दोनों हमलावरों की तुरंत रिहाई पर अड़ गए। पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी लंबे धरना-प्रदर्शन की तैयारी में जुट गए। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हो गया और देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई।
गुरुवार को अंबाला-नारायणगढ़ रोड नेशनल हाईवे-7 पर सिखों और किसानों ने प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया। हमलावरों की रिहाई की मांग को लेकर लगाए गए इस जाम के कारण पुलिस के सामने हाईवे को खाली कराने की चुनौती खड़ी हो गई। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव बढ़ता गया।
पुलिस का कहना है कि जाम हटाने और हाईवे क्लियर कराने की कोशिश के दौरान भीड़ की ओर से हमला किया गया। पुलिस के अनुसार स्थिति बिगड़ने के बाद लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। दूसरी ओर, गुरुद्वारा कमेटी ने मामले को लेकर सिख जत्थेबंदियों की बैठक बुलाकर आगे की रणनीति पर चर्चा करने का फैसला किया है।
Akhil Mahajan