31 लाख लेकर लौट रहे स्क्रैप व्यापारी का हरियाणा में अपहरण
हिसार जिले के बरवाला के स्क्रैप व्यापारी दीपक जुनेजा का सिरसा से लौटते वक्त अपहरण हो गया। वह 31 लाख रुपए की पेमेंट लेकर आ रहा था। 10 घंटे बाद उसे गांव फरीदपुर से बदहवास हालत में कार समेत रेस्क्यू किया गया। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
• सिरसा से 31 लाख रुपए लेकर लौट रहे व्यापारी का अपहरण
• रातभर खोज के बाद सुबह गांव फरीदपुर से बदहवास हालत में मिला
• पुलिस ने शुरू की जांच, हर एंगल से मामले की पड़ताल जारी
हिसार। बरवाला के स्क्रैप व्यापारी दीपक जुनेजा का सोमवार रात रहस्यमय परिस्थितियों में अपहरण हो गया, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। व्यापारी सिरसा से 31 लाख रुपए की पेमेंट लेकर बरवाला लौट रहा था। इसी दौरान गांव नंगथला के पास उसका फोन अचानक बंद हो गया।
जानकारी के अनुसार, जब दीपक अपने भाई पंकज जुनेजा से बात कर रहा था, तभी उसकी आवाज़ कांप रही थी और वह रोते हुए फोन पर कुछ कह रहा था, तभी अचानक कॉल कट गई। इसके बाद फोन स्विच ऑफ हो गया। घबराए भाई ने तत्काल बरवाला के समाजसेवी सुशील आनंद को सूचना दी। आनंद ने बिना देरी किए पुलिस को खबर दी और बरवाला थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करवाई।
रातभर सीआईए टीम और स्थानीय लोग व्यापारी की तलाश में जुटे रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। कई जगहों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिनमें व्यापारी की कार सिरसा के भावदीन टोल से गुजरती और बाद में अग्रोहा मोड़ के पास दिखाई दी। पुलिस ने अलग-अलग दिशाओं में टीमें रवाना कीं, लेकिन रातभर तलाश के बाद भी कुछ पता नहीं चला।
फिर मंगलवार सुबह करीब 6 बजे एक अनजान नंबर से व्यापारी के भाई के फोन पर कॉल आया। फोन करने वाले ने बताया कि दीपक उकलाना के गांव फरीदपुर में है और बदहवास हालत में अपनी कार में बैठा है। सूचना मिलते ही सुशील आनंद और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और व्यापारी को बरामद किया।
दीपक को गांव फरीदपुर से उनकी कार सहित रेस्क्यू किया गया। वह मानसिक रूप से बेहद परेशान थे और कुछ भी साफ बोल नहीं पा रहे थे। पुलिस ने जब उनसे शुरुआती पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि रास्ते में उनकी कार से एक बाइक टकरा गई थी। बाइक सवार दो युवक झगड़ने लगे और पैसे की मांग की। उन्होंने 2 हजार रुपए दिए, लेकिन तभी दो और युवक वहां आ गए। उन्होंने गर्दन पर चाकू रखकर धमकाया और जबरन ले गए। इसके बाद दीपक को कुछ याद नहीं है कि वह कैसे गांव फरीदपुर पहुंचा।
पुलिस को संदेह है कि मामला सिर्फ अपहरण का नहीं बल्कि कुछ और भी हो सकता है। बरवाला थाना पुलिस और सीआईए हर एंगल से जांच कर रही है—कैश गायब है, इसलिए लूट का पहलू भी जांच में शामिल किया गया है। पुलिस दीपक और उसके परिजनों के आर्थिक लेन-देन और पारिवारिक बैकग्राउंड की भी जांच कर रही है।
समाजसेवी सुशील आनंद ने कहा कि व्यापारी को सुरक्षित लाना सबसे बड़ी प्राथमिकता थी। अब यह पुलिस पर निर्भर करता है कि वह मामले की गहराई तक जाकर सच सामने लाए।
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