Chandra Grahan 2026: दिखा ‘ब्लड मून’ का रोमांच, जानिए कब होगा अगला ग्रहण
साल 2026 का पहला ब्लड मून चंद्रग्रहण संपन्न हो गया। भारत में पूर्वी राज्यों से लेकर दिल्ली-एनसीआर तक इसका दृश्य दिखाई दिया। जानिए अगला सूर्य और चंद्र ग्रहण कब लगेगा।
■ साल का पहला ‘ब्लड मून’ चंद्रग्रहण संपन्न, देश-दुनिया में दिखा अद्भुत नजारा
■ भारत में पूर्वी राज्यों में पहले दिखा ग्रहण, दिल्ली-एनसीआर में शाम 6:26 बजे से दृश्य
■ अब 12 अगस्त को सूर्यग्रहण और 28 अगस्त को लगेगा अगला चंद्रग्रहण
मंगलवार को साल का पहला चंद्रग्रहण 2026 संपन्न हो गया। यह ग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया और जहां-जहां चंद्रमा क्षितिज पर मौजूद था, वहां ‘ब्लड मून’ का अद्भुत नजारा देखने को मिला। भारत में यह ग्रहण मुख्य रूप से चंद्रोदय के समय दिखाई दिया। सबसे पहले पूर्वोत्तर राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर और त्रिपुरा में इसकी झलक दिखी, क्योंकि वहां चंद्रोदय जल्दी हुआ।
भारतीय समयानुसार ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू हुआ और शाम 6:47 बजे समाप्त हुआ। हालांकि भारत में अधिकांश स्थानों पर दिन होने के कारण ग्रहण अपने अंतिम चरण में ही दिखाई दिया। राजधानी दिल्ली में शाम 6:26 बजे, नोएडा में 6:26 बजे, गुरुग्राम में 6:02 बजे और गाजियाबाद में 6:25 बजे ग्रहण का दृश्य देखा गया।
दुनिया के कई हिस्सों में जब ग्रहण अपने चरम पर था, तब चंद्रमा लालिमा लिए हुए दिखाई दिया। इसी कारण इसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। दिल्ली, रांची और अन्य शहरों से सामने आई तस्वीरों में आसमान में लालिमा लिए चांद का मनमोहक दृश्य कैद हुआ।
ग्रहण के मोक्ष काल के बाद धार्मिक मान्यताओं के अनुसार स्नान, दान और जप-तप का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि ग्रहण के बाद गंगाजल मिले जल से स्नान करना शुभ होता है। चावल का दान करने से चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है। साथ ही घर में गंगाजल का छिड़काव और भगवान की प्रतिमा का शुद्धिकरण भी किया जाता है।
ज्योतिषीय दृष्टि से यह वर्ष का पहला चंद्रग्रहण था। इससे पहले 17 फरवरी को साल का पहला सूर्यग्रहण लग चुका है। अब खगोलीय घटनाओं की अगली कड़ी में 12 अगस्त को साल का दूसरा सूर्यग्रहण और 28 अगस्त को दूसरा चंद्रग्रहण लगेगा। खगोल और आस्था के इस संगम ने लोगों में उत्सुकता और श्रद्धा दोनों को एक साथ जीवंत कर दिया। सोशल मीडिया पर ग्रहण की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होते रहे।
Akhil Mahajan