बसों की कमी से भड़कीं छात्राएं, सड़क पर बैठकर लगाया जाम; बोलीं- कॉलेज पहुंचने में हो जाती है देरी

यमुनानगर में बसों की कमी से परेशान छात्राओं और ग्रामीणों ने पाबनी-सढौरा रोड पर जाम लगा दिया। विद्यार्थियों का कहना है कि दो बसों के भरोसे 150 से ज्यादा छात्र-छात्राएं हैं और समय पर बस नहीं मिलने से कॉलेज पहुंचने में देरी होती है।

बसों की कमी से भड़कीं छात्राएं, सड़क पर बैठकर लगाया जाम; बोलीं- कॉलेज पहुंचने में हो जाती है देरी

दो बसों के भरोसे 150 से ज्यादा छात्र-छात्राएं, रोज होती है परेशानी
समय पर बस नहीं मिलने से कॉलेज पहुंचने में होती है देरी
पाबनी-सढौरा रोड पर बैठीं छात्राएं, पुलिस ने पहुंचकर संभाला मोर्चा


यमुनानगर। कॉलेज जाने के लिए रोज बस का इंतजार करने वाली छात्राओं और विद्यार्थियों का सब्र आखिरकार शुक्रवार सुबह जवाब दे गया। बसों की कमी और निर्धारित समय पर बसें नहीं पहुंचने से परेशान छात्राओं और ग्रामीणों ने जगाधरी-पाबनी-सढौरा रोड पर पाबनी के नजदीक सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। विद्यार्थियों का कहना है कि इस रूट पर फिलहाल केवल दो बसें चल रही हैं, जबकि पाबनी और आसपास के गांवों से रोजाना 150 से ज्यादा छात्र-छात्राएं विभिन्न कॉलेजों में पढ़ने के लिए जाते हैं। बसें कम होने के साथ-साथ समय पर नहीं पहुंचतीं, जिसके कारण विद्यार्थियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है और कई बार कॉलेज पहुंचने में भी देरी हो जाती है।

जगाधरी-पाबनी-सढौरा रोड पर बैठे स्टूडेंट्स व मौजूद पुलिस।

सुबह छात्राओं और ग्रामीणों के सड़क पर बैठ जाने से जगाधरी-पाबनी-सढौरा रोड पर यातायात बाधित हो गया। जाम लगने के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई और राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और प्रदर्शन कर रही छात्राओं व ग्रामीणों से बातचीत शुरू की।

दो बसों के भरोसे 150 से ज्यादा विद्यार्थी

विद्यार्थियों के अनुसार, पाबनी और आसपास के गांवों से 150 से अधिक छात्र-छात्राएं रोजाना अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ने के लिए जाते हैं। सुबह कॉलेज जाने के समय विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा होती है, लेकिन इसके मुकाबले इस रूट पर बसों की संख्या काफी कम है।

छात्राओं का कहना है कि फिलहाल केवल दो बसें चल रही हैं। इन बसों में भी विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण सभी को जगह नहीं मिल पाती। कई विद्यार्थियों को अगली बस का इंतजार करना पड़ता है। इससे सुबह कॉलेज पहुंचने में परेशानी होती है।

बसें समय पर नहीं आतीं, कॉलेज पहुंचने में हो जाती है देरी

छात्राओं की मुख्य शिकायत केवल बसों की संख्या को लेकर नहीं है, बल्कि उनका कहना है कि जो बसें चल रही हैं, वे भी निर्धारित समय पर नहीं पहुंचतीं। विद्यार्थियों को सड़क किनारे काफी देर तक बस का इंतजार करना पड़ता है।

समय पर बस नहीं मिलने का सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है। कई बार विद्यार्थी कॉलेज के लिए समय पर निकलने के बावजूद बस का इंतजार करते रह जाते हैं और इसके कारण उन्हें कॉलेज पहुंचने में देरी हो जाती है।

छात्राओं और ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या के बारे में संबंधित विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद पर्याप्त बसों की व्यवस्था नहीं की गई। इसी नाराजगी के चलते शुक्रवार सुबह विद्यार्थियों ने सड़क पर बैठकर विरोध जताया।

बसों की किल्लत से परेशान छात्राएं सड़क पर बैठकर जाम लगाती हुईं। - Dainik Bhaskar

सड़क पर बैठीं छात्राएं, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाला मामला

बसों की समस्या को लेकर छात्राओं और ग्रामीणों के सड़क पर बैठने से मार्ग पर जाम लग गया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही थाना छप्पर प्रभारी अजय कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

पुलिस ने छात्राओं और ग्रामीणों से बातचीत की और जाम खोलने की अपील की। अधिकारी विद्यार्थियों की समस्या सुनते हुए उसका समाधान कराने का आश्वासन देने में जुटे रहे।

इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम के कारण राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। विद्यार्थियों का कहना है कि उनकी मांग का मकसद किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि कॉलेज जाने के लिए पर्याप्त और समय पर बसों की व्यवस्था कराना है।