वृंदावन नाव हादसे में भिवानी की महिला की मौत, 7 रिश्तेदार भी नहीं बचे
वृंदावन में यमुना नदी में नाव पलटने से भिवानी की आशा मिड्ढा सहित 7 लोगों की मौत हो गई। हादसे में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठे हैं।
■ वृंदावन नाव हादसे में भिवानी की महिला की भी मौत
■ लुधियाना मायके के 6 सदस्यों समेत 7 की गई जान
■ सोनीपत से दर्शन के लिए निकली थीं, यमुना में नाव पलटी
उत्तर प्रदेश के Vrindavan में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे में हरियाणा के भिवानी की एक महिला की भी मौत हो गई। मृतक की पहचान आशा मिड्ढा (55) के रूप में हुई है, जो अपने मायके पक्ष के साथ दर्शन के लिए गई थीं। इस हादसे में उनके मायके के 6 अन्य सदस्यों की भी जान चली गई, जिससे एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत हो गई।आशा मिड्ढा भिवानी की जगत कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहती थीं। उनके पति अर्जुन दास मिड्ढा बीमार रहते हैं। उनके दो बेटे अजय और दिनेश तथा एक बेटी है। दोनों बेटे रेलवे स्टेशन के बाहर ढाबा चलाते हैं। परिवार के अनुसार, आशा का इस साल अपने मायके लुधियाना के परिजनों के साथ वृंदावन जाने का पहले से ही प्लान बना हुआ था।
9 अप्रैल को आशा अपने बेटे के साथ सोनीपत पहुंचीं, जहां वह अपनी बेटी के घर रुकीं। देर रात मुरथल में लुधियाना से आई बस में उनकी बेटी और दामाद ने उन्हें बैठाया, जिसके बाद वह अन्य श्रद्धालुओं के साथ वृंदावन के लिए रवाना हो गईं। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे सभी श्रद्धालु वहां पहुंचे थे।दोपहर के समय जब श्रद्धालु यमुना नदी पार कर दूसरे मंदिरों के दर्शन के लिए जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, नदी में अस्थायी पीपों का पुल पहले बनाया गया था, जिसे जलस्तर बढ़ने के कारण खोल दिया गया था। इसी दौरान नाव पुल के ढांचे से टकरा गई और संतुलन बिगड़ने से पलट गई।
हादसे के समय नाव में सवार किसी भी श्रद्धालु ने लाइफ जैकेट नहीं पहन रखी थी, जिससे बचाव मुश्किल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे से पहले श्रद्धालु “राधे-राधे” का जाप कर रहे थे। अचानक नाव पलटते ही अफरा-तफरी मच गई और कई लोग तेज बहाव में बह गए।इस हादसे में लुधियाना के एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत हुई है, जिनमें मधुर बहल, उनकी मां कविता बहल, चाचा चरणजीत, उनकी पत्नी पिंकी, बुआ आशा रानी, दूसरी बुआ अंजू गुलाटी और फूफा राकेश गुलाटी शामिल हैं।
घटना की सूचना मिलते ही आशा मिड्ढा के दोनों बेटे वृंदावन के लिए रवाना हो गए हैं। परिजनों के अनुसार, उनका शव शनिवार को भिवानी लाया जा सकता है। हादसे के बाद भिवानी के जगत कॉलोनी में शोक का माहौल है और लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।यह हादसा एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहा है, खासकर धार्मिक स्थलों पर नाव संचालन के दौरान जरूरी सुरक्षा उपायों को लेकर।
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
आज कोई लाइव अपडेट्स उपलब्ध नहीं हैं।