सोनीपत में यमुना में डूबे दो सगे भाई, दोस्त को ग्रामीणों ने बचाया
सोनीपत के बेगा घाट पर यमुना में नहाते समय दो सगे भाई तेज बहाव में डूब गए। दोनों बाइक सीखने की बात कहकर घर से निकले थे और एनडीआरएफ तलाश में जुटी है।
➤ सोनीपत में यमुना के तेज बहाव में डूबे दो सगे भाई
➤ बाइक सीखने की बात कहकर निकले थे, बेगा घाट पर नहाते समय हादसा
➤ दोनों 10वीं-11वीं के छात्र, कल ही इकलौती बहन ने बांधी थी राखी
सोनीपत: हरियाणा के सोनीपत में यमुना नदी के बेगा घाट पर शनिवार को नहाने गए दो सगे भाई तेज बहाव की चपेट में आकर डूब गए। सत्यम (15) और शिवम (17) अपने दोस्त प्रिंस के साथ गांव सनखेड़ा से करीब 10 किलोमीटर दूर बेगा घाट पहुंचे थे। दोनों भाइयों के साथ नहा रहा दोस्त प्रिंस भी उन्हें बचाने के प्रयास में पानी में डूबने लगा, लेकिन उसके शोर मचाने पर मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बाहर निकाल लिया। इस दौरान दोनों भाई पानी में समा गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों भाइयों की तलाश के लिए सर्च अभियान शुरू किया गया। बाद में एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया। दोनों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया था। परिवार के लोग यमुना किनारे रोते-बिलखते हुए पहुंचे और दोनों भाइयों के सुरक्षित बाहर निकलने की उम्मीद में सर्च अभियान पर नजर लगाए रहे।
हादसे की सबसे दर्दनाक बात यह है कि दोनों भाइयों को शुक्रवार को ही उनकी इकलौती बहन ने राखी बांधी थी। शनिवार को दोनों घर पर टीवी देख रहे थे। इसके बाद वे बाइक सीखने जाने की बात कहकर घर से निकले थे। शिवम 11वीं कक्षा में पढ़ता था, जबकि सत्यम 10वीं कक्षा का छात्र था। दोनों गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे।
टीवी देख रहा था प्रिंस, शिवम ने बनाया घूमने का प्लान
डूबने से बचे युवक प्रिंस ने बताया कि शनिवार सुबह वह अपने घर पर टीवी देख रहा था। इसी दौरान उसका दोस्त शिवम उसके घर आया और घूमने के लिए चलने की बात कही। इसके बाद तीनों दोस्तों ने यमुना नदी पर जाने का प्लान बनाया।
तीनों बाइक पर सवार होकर गांव सनखेड़ा से करीब 10 किलोमीटर दूर बेगा घाट के लिए निकल गए। उन्हें अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद यमुना का तेज बहाव उनके लिए बड़ी मुसीबत बन जाएगा।
सुबह 8 बजे घर से निकले, साढ़े 8 बजे पहुंच गए घाट
प्रिंस के मुताबिक, तीनों युवक सुबह करीब 8 बजे घर से निकले थे। करीब साढ़े 8 बजे वे बेगा घाट पर पहुंच गए। घाट पर पहुंचने के बाद शिवम और सत्यम ने प्रिंस को बताया कि उन्हें तैरना आता है।
इसके बाद दोनों भाई यमुना नदी के किनारे बनी ठोकर पर पहुंचे और वहां से पानी में छलांग लगा दी। नदी में उतरते ही हालात बदल गए और तेज बहाव के कारण दोनों मुश्किल में फंस गए।
छलांग लगाते ही तेज बहाव में बह गया शिवम
प्रिंस ने बताया कि शिवम के पानी में छलांग लगाते ही वह तेज बहाव की चपेट में आ गया और पानी के साथ बहने लगा। इसके बाद जब सत्यम भी डूबने लगा तो उसने प्रिंस का हाथ पकड़ लिया।
सत्यम को बचाने की कोशिश में प्रिंस भी पानी के बहाव में खिंचने लगा। तीनों के लिए स्थिति बेहद मुश्किल हो गई थी। प्रिंस ने खुद को बचाने के लिए किसी तरह हाथ-पैर चलाए।
गहरे गड्ढे की तरफ चले गए दोनों, प्रिंस को पत्थर का मिला सहारा
प्रिंस के अनुसार, सत्यम ने उसका हाथ पकड़ा हुआ था और दोनों पानी के एक गहरे गड्ढे की तरफ चले गए। इस दौरान दोनों के डूबने की स्थिति बन गई।
प्रिंस ने किसी तरह खुद को बचाने की कोशिश की। उसे पानी के अंदर एक पत्थर का सहारा मिल गया। इसके बाद उसने खुद को संभाला और मौके पर मौजूद लोगों ने उसे पानी से बाहर निकाल लिया।
हालांकि, इस दौरान सत्यम और शिवम पानी में डूब गए। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को घटना की सूचना दी और दोनों भाइयों की तलाश शुरू की गई।
यूपी के रहने वाले हैं परिवार, 26 साल से सनखेड़ा में रह रहे
पुलिस के मुताबिक, दोनों भाइयों का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। पिता रविंद्र ने बताया कि उनका परिवार पिछले करीब 26 वर्षों से गांव सनखेड़ा में रह रहा है। अब गांव में ही उनका मकान है।
हादसे की सूचना मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। दोनों भाइयों के स्कूल और गांव में भी शोक का माहौल है। परिजन यमुना घाट पर पहुंचे और सर्च अभियान के दौरान दोनों के मिलने का इंतजार करते रहे।
पिता मजदूरी करते हैं, काम नहीं मिला तो लौट आए थे घर
दोनों भाइयों के पिता रविंद्र मजदूरी का काम करते हैं। शनिवार को काम नहीं मिलने के कारण वह वापस घर लौट आए थे। इसी दौरान उन्हें बच्चों के यमुना घाट पर डूबने की जानकारी मिली।
घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन तुरंत बेगा घाट की तरफ दौड़ पड़े। यमुना किनारे परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था और वे लगातार दोनों भाइयों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे।
बाइक सीखने की बात कहकर घर से निकले थे दोनों भाई
पिता रविंद्र ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2022 में बाइक खरीदी थी। शनिवार सुबह तीनों युवक बाइक लेकर घर से यह कहकर निकले थे कि वे बाइक सीखने के लिए जा रहे हैं। पिता ने भी उन्हें जाने की अनुमति दे दी थी।
उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि बच्चे बाइक लेकर यमुना नदी के बेगा घाट पर चले गए हैं। बाद में दोनों के डूबने की सूचना मिलने पर परिवार के सामने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
पुलिस और एनडीआरएफ की टीम तलाश में जुटी
थाना प्रभारी बीर सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि तीन युवक यमुना नदी के बेगा घाट पर नहाने के लिए पहुंचे थे। इनमें से दो युवक पानी में डूब गए, जबकि तीसरे युवक प्रिंस को स्थानीय लोगों ने बचा लिया।
उन्होंने बताया कि डूबे हुए दोनों युवकों की तलाश के लिए मौके पर प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से सर्च अभियान चलाया जा रहा है। दोनों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया था। उनकी तलाश के लिए एनडीआरएफ को बुलाया गया है।
फिलहाल यमुना में दोनों भाइयों की तलाश जारी थी। परिवार के लोग नदी किनारे मौजूद हैं और सर्च अभियान के बीच दोनों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
Akhil Mahajan