हरियाणा में कांग्रेस नेता के पोते की ह*त्या, बस स्टैंड पर घेरकर हमला; भाई-भतीजा भी घायल
सिरसा के झोरड़रोही गांव में कांग्रेस नेता के पोते कुलबीर सिंह उर्फ निक्का की हत्या कर दी गई। बस स्टैंड पर हमले में भाई-भतीजा भी घायल हुए।
➤ खेत में सिंचाई के लिए जाते समय बस स्टैंड के पास घेरकर हमला
➤ 42 वर्षीय कुलबीर सिंह उर्फ निक्का की इलाज के दौरान मौत, भाई-भतीजा घायल
➤ पुरानी रंजिश और शराब ठेके के विवाद से जुड़ा माना जा रहा मामला
सिरसा। सिरसा के रोड़ी थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात कांग्रेस नेता के पोते की तेजधार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई। गांव झोरड़रोही में खेत में सिंचाई के लिए जा रहे 42 वर्षीय कुलबीर सिंह उर्फ निक्का पुत्र सुरेंद्र सिंह को उसके भाई रणधीर सिंह और भतीजे जगदीप सिंह के साथ बस स्टैंड के पास घेर लिया गया। हमलावरों ने तीनों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया और मौके से फरार हो गए। तीनों को घायल अवस्था में सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां रात को इलाज के दौरान निक्का सिंह की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेते हुए हमलावरों की पहचान और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाने में लगी है।
पुलिस के अनुसार, वारदात शुक्रवार रात करीब 10 से 10.30 बजे के बीच हुई। कुलबीर सिंह उर्फ निक्का अपने भाई रणधीर सिंह और भतीजे जगदीप सिंह के साथ रात के समय खेत में पानी की सिंचाई के लिए जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में बस स्टैंड के पास हमलावर पहले से घात लगाकर बैठे हुए थे। तीनों के वहां पहुंचते ही आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और उन पर हमला कर दिया।
हमले में तीनों को काफी चोटें आईं। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। इसके बाद घायल निक्का, रणधीर सिंह और जगदीप सिंह को इलाज के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में उपचार के दौरान निक्का सिंह ने दम तोड़ दिया। मौत की सूचना मिलने पर उसके परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। निक्का सिंह का शव फिलहाल सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
पुरानी रंजिश से जुड़ा बताया जा रहा मामला
जानकारी के अनुसार, मृतक कुलबीर सिंह उर्फ निक्का के दादा पोहला सिंह कांग्रेस के सक्रिय नेता रहे हैं। बताया गया है कि गांव में पहले से एक विवाद चला आ रहा था। कुछ साल पहले गांव के ही गंगा सिंह के साथ झगड़ा हुआ था, जिसमें गंगा सिंह की मौत हो गई थी। इस मामले में कांग्रेस नेता पोहला सिंह, निक्का सिंह सहित अन्य लोग नामजद थे।
बताया गया है कि कांग्रेस नेता पोहला सिंह का पोता निक्का सिंह इस समय जेल से जमानत पर बाहर आया हुआ था। इसी दौरान रात में उस पर हमला कर दिया गया, जिसमें उसकी मौत हो गई। हालांकि, अभी तक हमलावरों की स्पष्ट पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
शराब ठेके को लेकर हुआ था पुराना विवाद
सूत्रों के अनुसार, इस हत्या को पुरानी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जाता है कि कांग्रेस नेता पोहला सिंह पहले शराब ठेके का काम करते थे और गंगा सिंह भी शराब ठेके के काम से जुड़े थे। शराब ठेके को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था।
बताया गया है कि इस पुराने विवाद के बाद पिछले कुछ सालों से दोनों पक्षों के बीच शांति बनी हुई थी। अब कुलबीर सिंह उर्फ निक्का की हत्या के बाद एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच रंजिश बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस जुटा रही साक्ष्य, हमलावरों की तलाश
वारदात की सूचना मिलने के बाद रोड़ी थाना पुलिस गांव पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस की ओर से हमलावरों की पहचान और घटना के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल हमले में शामिल आरोपियों की स्पष्ट पहचान सामने नहीं आई है।
पुलिस के सामने एक ओर वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने और हमलावरों तक पहुंचने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर पुराने विवाद और रंजिश से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
Akhil Mahajan