रामपाल को सत्संग करने की मनाही: कोर्ट ने लगाईं सख्त शर्तें, आश्रम में ही रहना होगा
रामपाल को जमानत के बाद सत्संग करने से रोका गया, कोर्ट ने सख्त शर्तें लगाईं, अब सोनीपत के धनाना आश्रम में रहना होगा।
➤ जमानत के बाद सत्संग पर रोक, धनाना आश्रम में ही रहना होगा
➤ कोर्ट में हर पेशी पर हाजिरी जरूरी, अगली सुनवाई 16 मई
➤ दो भक्त पहले बेल मिलने के बावजूद 10 साल तक साथ जेल में रहे
हरियाणा के हिसार के चर्चित सतलोक आश्रम प्रकरण में जमानत पर रिहा हुए रामपाल पर कोर्ट ने कड़ी शर्तें लागू कर दी हैं। जमानत मिलने के बाद अब रामपाल सोनीपत जिले के धनाना स्थित सतलोक आश्रम में ही रहेगा और किसी भी प्रकार का सत्संग नहीं कर सकेगा।
रामपाल के वकील सचिन दास के अनुसार, कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जमानत अवधि के दौरान रामपाल को अपने निर्धारित स्थान पर ही रहना होगा। इसके साथ ही हर सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होना अनिवार्य किया गया है। मामले की अगली सुनवाई 16 मई को तय की गई है।
जेल से रिहाई के बाद रामपाल सीधे सोनीपत के धनाना आश्रम पहुंचा, जहां उसके अनुयायियों ने उसका स्वागत किया। आश्रम पहुंचने के बाद उसने अनुयायियों का अभिवादन किया और मंच से आशीर्वाद भी दिया, लेकिन सार्वजनिक संबोधन पर रोक बनी हुई है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि रामपाल के दो करीबी भक्त बबीता और मनोज पहले ही जमानत मिलने के बावजूद जेल से बाहर नहीं आए थे। बबीता को 2021 में और मनोज को 2016 में जमानत मिल चुकी थी, लेकिन दोनों ने रामपाल के साथ ही जेल में रहना चुना। अब तीनों ने एक साथ बेल बॉन्ड भरकर रिहाई ली।
वकील के मुताबिक, रामपाल ने हत्या के मामलों में 5-5 लाख रुपए के बेल बॉन्ड भरे, जबकि बबीता और मनोज के लिए 1-1 लाख रुपए के बॉन्ड जमा किए गए। बबीता लंबे समय से रामपाल की सेवा से जुड़ी रही है और उसका परिवार भी आश्रम से जुड़ा बताया जा रहा है।
रामपाल के भतीजे युद्धवीर ने बताया कि देशभर में उनके कुल 22 आश्रम हैं, लेकिन फिलहाल धनाना आश्रम ही उनका मुख्य ठिकाना रहेगा। यह आश्रम करीब 12 एकड़ लंबाई और 3 एकड़ चौड़ाई में फैला है, जहां एक साथ बड़ी संख्या में अनुयायी एकत्र हो सकते हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2014 में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस जब हिसार के बरवाला स्थित आश्रम में रामपाल को गिरफ्तार करने पहुंची थी, तब समर्थकों और पुलिस के बीच टकराव हुआ था। इस घटना में महिलाओं और बच्चों समेत 6 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद 2018 में कोर्ट ने रामपाल को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हाल ही में 8 अप्रैल को हाईकोर्ट ने उसे जमानत दे दी।
Akhil Mahajan