हरियाणा में फसल नियमों के खिलाफ किसान सड़क पर, हाईवे जाम
हरियाणा में फसल खरीद के नए नियमों के विरोध में किसानों ने कई जिलों में प्रदर्शन शुरू किया। सिरसा में हाईवे जाम और हिसार में पुलिस से नोकझोंक हुई
■ फसल खरीद के नए नियमों के विरोध में हरियाणा में किसान आंदोलन तेज
■ सिरसा में हाईवे जाम, हिसार में पुलिस से नोकझोंक
■ मंडियों में तौल बंद, कई जिलों में प्रदर्शन जारी
हरियाणा में रबी सीजन की फसल खरीद के लिए लागू किए गए नए नियमों के विरोध में किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले प्रदेश के कई जिलों में किसानों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक मंडियों में तौल बंद रखने का फैसला लिया गया है, जिससे खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।सिरसा में भावदीन टोल के पास किसान हाईवे पर बैठ गए, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। वहीं पानीपत, कैथल, फतेहाबाद और यमुनानगर में भी किसानों ने सड़क जाम कर विरोध जताया। हिसार में जब किसान हाईवे जाम करने पहुंचे तो उनकी पुलिस के साथ नोकझोंक हो गई। हालात को देखते हुए पुलिस ने कई रूटों पर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया है, ताकि आम लोगों को परेशानी कम हो।
किसान संगठनों का कहना है कि सरकार द्वारा लागू किए गए नए नियम उनके लिए मुश्किलें बढ़ाने वाले हैं। उन्होंने इन नियमों को वापस लेने के लिए सरकार को 10 अप्रैल तक का समय दिया था, लेकिन कोई ठोस फैसला नहीं होने के बाद आंदोलन की घोषणा की गई।
किसान जिन प्रमुख नियमों का विरोध कर रहे हैं, उनमें मंडी में फसल लाने के लिए पहले से स्लॉट बुकिंग अनिवार्य करना शामिल है। किसानों का कहना है कि इससे उनकी स्वतंत्रता खत्म होती है और समय पर फसल बेचने में दिक्कत आती है। इसके अलावा ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है, जिससे बिना पंजीकरण के किसान अपनी फसल नहीं बेच पाएंगे।
एक अन्य नियम के तहत फसल लेकर आने वाले वाहन का नंबर पहले देना जरूरी किया गया है। किसानों का कहना है कि गांवों में कई ट्रैक्टरों पर नंबर प्लेट नहीं होती, जिससे यह नियम व्यवहारिक नहीं है। साथ ही फसल की गुणवत्ता को लेकर भी सख्त मापदंड तय किए गए हैं, जिसमें अधिक नमी होने पर फसल को रिजेक्ट किया जा सकता है।
सरकार का दावा है कि इन नियमों से मंडियों में पारदर्शिता और व्यवस्था बेहतर होगी, जबकि किसानों का कहना है कि ये नियम जमीनी हकीकत से दूर हैं और उन्हें परेशानी में डालेंगे।इस बीच पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट है। पुलिस महानिदेशक Ajay Singhal ने सभी जिलों में सुरक्षा बढ़ाने, मंडियों के बाहर निगरानी रखने और ट्रैफिक डायवर्जन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।किसानों के आंदोलन के चलते आम जनजीवन पर असर पड़ने लगा है। आने वाले दिनों में अगर समाधान नहीं निकला तो यह आंदोलन और तेज हो सकता है।
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