53 दिन बाद सार्वजनिक मंच पर अचानक दिखे धनखड़ , राधाकृष्णन ने ली उपराष्ट्रपति पद की शपथ, मोदी और शाह भी थे मौजूद
भारत के 15वें उपराष्ट्रपति बने चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन। शपथ समारोह में 53 दिन बाद नजर आए पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़। उनकी मौजूदगी ने राजनीति में नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
-राधाकृष्णन ने 15वें उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली
-धनखड़ इस्तीफे के 53 दिन बाद अचानक सार्वजनिक मंच पर लौटे
-धनखड़ की मौजूदगी से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज
सिटी तहलका, नेटवर्क
संसद भवन का वातावरण शुक्रवार को ऐतिहासिक क्षणों का गवाह बना। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन को भारत का 15वां उपराष्ट्रपति पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में देशभर से आए नेताओं और मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया।
लेकिन इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी और अनपेक्षित झलक बनी पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की मौजूदगी। 21 जुलाई को उन्होंने स्वास्थ्य कारण बताते हुए अचानक इस्तीफा दे दिया था। तब उनके इस्तीफे ने राजनीतिक भूचाल खड़ा कर दिया था। विपक्ष ने इसे भाजपा के भीतर गहरी अनबन का परिणाम बताया, जबकि सरकार ने इसे पूरी तरह निजी स्वास्थ्य मामला करार दिया।
अब, 53 दिन बाद उनका सार्वजनिक मंच पर लौटना कई सवालों को जन्म देता दिख रहा है। क्या धनखड़ केवल एक औपचारिकता निभाने आए थे, या यह उनकी राजनीतिक सक्रियता की वापसी का संकेत है? कार्यक्रम में कई नेताओं ने उन्हें गर्मजोशी से गले लगाया और बातचीत करते देखा गया। इसने अटकलों को और हवा दे दी।
राधाकृष्णन, जिन्हें हाल ही में NDA का उम्मीदवार बनाकर पेश किया गया था, ने विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों के अंतर से हराकर जीत हासिल की। उन्हें कुल 452 वोट मिले। शपथ के तुरंत बाद उन्होंने दोपहर 12:30 बजे राज्यसभा नेताओं के साथ बैठक करने का निर्णय लिया है।
समारोह में ओडिशा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत कई दिग्गज मौजूद थे, लेकिन चर्चा का केंद्र बार-बार धनखड़ ही रहे। उनकी मौन मुस्कान और सीमित बातचीत ने सस्पेंस को और बढ़ा दिया। राजनीति के गलियारों में यह सवाल गूंज रहा है – क्या धनखड़ की वापसी केवल औपचारिक है या वे फिर से किसी बड़े रोल में नज़र आने वाले हैं?
Akhil Mahajan