सैन्य आफिसर से अफेयर के शक पर पति ने पत्नी का फोन करवाया हैक , शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज
पंचकूला में पत्नी के मोबाइल और लैपटॉप का डेटा हासिल करने के आरोप में पति समेत तीन पर FIR हुई है। पुलिस निजता भंग और डेटा चोरी की जांच कर रही है।
➤ पत्नी के मोबाइल और लैपटॉप का डेटा हासिल करने का आरोप
➤ सैन्य अधिकारी से संबंध के शक में निजी जासूसों की मदद लेने का दावा
➤ पुलिस ने पति और दो कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की
पंचकूला। सैन्य अधिकारी से पत्नी के संबंध होने के शक के बाद उसके मोबाइल और लैपटॉप का डेटा चोरी कराने तथा निजी जानकारी हासिल करने के आरोप में पंचकूला पुलिस ने एक व्यक्ति और उसके दो कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई चार महीने से अधिक समय बाद की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उसके उपकरणों में स्पाइवेयर डालकर निजी और ग्राहकों से संबंधित डेटा तक पहुंच बनाई गई। मामले में पुलिस डेटा चोरी और निजता भंग करने के आरोपों की जांच कर रही है।
शिकायत के अनुसार, महिला और उसका पति वित्तीय निवेश संबंधी सलाह और योजनाओं का कारोबार करते थे। दोनों ने चंडीमंदिर मिलिट्री स्टेशन से ओंकार फाइनेंशियल सर्विसेज संचालित की और कई सैन्य अधिकारी व कर्मचारी उनके ग्राहक थे।
वर्ष 2022 में वैवाहिक विवाद के बाद दोनों अलग रहने लगे थे, हालांकि कारोबार में बराबर के साझेदार बने रहे। इसी दौरान पत्नी पर सेना के एक मेजर रैंक के डॉक्टर के साथ संबंध होने का शक जताते हुए पति ने अगस्त 2024 में वेस्टर्न कमांड में शिकायत दी थी।
सेना ने गठित की थी कोर्ट ऑफ इंक्वायरी
शिकायत के बाद सेना ने मामले की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित की। जांच के दौरान महिला के पति ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उन्होंने निजी जासूसों के माध्यम से पत्नी की कॉल डिटेल हासिल की थी। इसके अलावा क्विकस्पाई नामक वेबसाइट/सॉफ्टवेयर के जरिए सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्डिंग प्राप्त करने की बात भी सामने आई।
महिला के पति ने कथित तौर पर उसकी कार और घर में निगरानी उपकरण लगाने की बात भी स्वीकार की। हालांकि, सेना की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी ने दिसंबर 2024 में संबंधित सैन्य अधिकारी को क्लीनचिट दे दी थी।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, महिला के पति की ओर से पेश की गई कॉल रिकॉर्डिंग और वीडियो क्लिप तीसरे पक्ष से प्राप्त थे और मूल डिजिटल सामग्री पेश नहीं की गई थी। इसके बाद दंपती ने जुलाई 2025 में आपसी सहमति से तलाक ले लिया।
मानहानि मामले के बाद पुलिस तक पहुंची शिकायत
सितंबर 2025 में महिला ने पंचकूला अदालत में मानहानि का मामला दायर किया। अदालत के आदेश पर सेना ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की रिपोर्ट पेश की। इसके आधार पर महिला ने 9 मई को हरियाणा पुलिस में शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसके मोबाइल और लैपटॉप में स्पाइवेयर डालकर निजी जानकारी के साथ-साथ ग्राहकों से संबंधित डेटा हासिल किया गया।
शिकायत के आधार पर अब पंचकूला पुलिस ने पति समेत उसके दो कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस मामले में लगाए गए आरोपों और डिजिटल डेटा से संबंधित पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस बोली- स्पाइवेयर से प्रभावित हो सकता है पूरा डिवाइस
पंचकूला के पुलिस आयुक्त पंकज नैन ने बताया कि फोन में स्पाइवेयर डाउनलोड होने पर पूरा डिवाइस प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, केस में डेटा चोरी और निजता भंग करने से जुड़े आरोपों की जांच जारी है।
वहीं, आरोपित ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उसका कहना है कि पुलिस ने अभी तक उससे संपर्क नहीं किया है और वह खुद मानसिक परेशानी से गुजरा है।
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, किसी डिवाइस में स्पाइवेयर इंस्टॉल होने के बाद उसमें मौजूद निजी डेटा तक पहुंच बनाई जा सकती है। ऐसे मामलों में डिजिटल डिवाइस, डेटा और कथित निगरानी से जुड़े साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होती है।
विवाह संबंधी विवादों से जुड़े अधिवक्ता अभिषेक सिंह राणा ने भी ऐसे मामलों का उल्लेख किया, जिनमें फोन की कॉपी या व्हाट्सऐप को दूसरे डिवाइस से लिंक किए जाने की घटनाएं सामने आती हैं। पंचकूला के इस मामले में पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
Akhil Mahajan