बस ड्राइवर की कथित मारपीट और बेइज्जती से आहत युवक की इलाज के दौरान मौत

पंचकूला के कंपनी कर्मचारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। पत्नी ने बस ड्राइवर पर कर्मचारियों के सामने मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

बस ड्राइवर की कथित मारपीट और बेइज्जती से आहत युवक की इलाज के दौरान मौत

बस ड्राइवर की कथित मारपीट और बेइज्जती से आहत युवक की इलाज के दौरान मौत

पत्नी बोली- पति पूरी रात कहते रहे, अब किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहा

पिंजौर पुलिस ने आरोपी बस ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की


पंचकूला। पंचकूला के पिंजौर क्षेत्र में एक युवक की मौत के बाद कथित मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का मामला सामने आया है। मृतक की पत्नी का आरोप है कि कंपनी की बस के ड्राइवर ने उनके पति की कर्मचारियों के सामने मारपीट कर दी थी। इसी घटना से आहत होकर उन्होंने फंदा लगा लिया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान रतपुर कॉलोनी, पिंजौर निवासी 37 वर्षीय कुशल कुमार के रूप में हुई है। वह हिमाचल प्रदेश के बरोटीवाला स्थित माइक्रो सीमलैस कंपनी में नौकरी करता था। कंपनी की बस रोज कर्मचारियों को ड्यूटी पर लाने और ले जाने का काम करती थी।

परिजनों के अनुसार, 25 जून की शाम कुशल रोज की तरह कंपनी की बस से ड्यूटी पर गया था। रात करीब 10:30 बजे कंपनी की एंबुलेंस उसे घायल अवस्था में घर छोड़कर गई। उसके सिर और चेहरे पर चोट के निशान थे।

मृतक की पत्नी पूजा ने पुलिस को बताया कि कुशल ने घर पहुंचकर बताया था कि रास्ते में कंपनी की बस के ड्राइवर रोहित, निवासी रामपुर जंगी (जिला पंचकूला) ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद कंपनी उसे इलाज के लिए ईएसआई अस्पताल बद्दी ले गई, जहां प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

पत्नी के मुताबिक, घर लौटने के बाद कुशल गहरे मानसिक तनाव में था। वह बार-बार यही कह रहा था कि सभी कर्मचारियों के सामने उसकी बेइज्जती हुई है और अब वह किसी को मुंह दिखाने के लायक नहीं रहा। परिवार ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह लगातार परेशान दिखाई दे रहा था।

अगली सुबह भी उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं थी। कुछ देर बाद वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा। इसी दौरान पत्नी नीचे चली गई। वापस लौटने पर कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। खिड़की से देखने पर पता चला कि कुशल ने चुन्नी का फंदा बनाकर पंखे से लटकने का प्रयास किया है।

शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर उसे नीचे उतारा। पहले उसे जेएन शौरी अस्पताल, पिंजौर ले जाया गया। वहां से सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल पंचकूला और बाद में जीएमसीएच-32 चंडीगढ़ रेफर किया गया। इलाज के दौरान 27 जून की रात करीब 12:30 बजे उसकी मौत हो गई।

पिंजौर थाना पुलिस ने मृतक की पत्नी की शिकायत पर आरोपी बस ड्राइवर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कराया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।