Cancer Diagnosis: एआई का कमाल, अब स्मार्टफोन से मिनटों में पता चल जाएगा कहीं आपको जानलेवा कैंसर तो नहीं?
स्किन कैंसर की पहचान अब स्मार्टफोन से संभव है। नई एआई आधारित तकनीक के जरिए मिनटों में कैंसर के संदिग्ध निशानों का पता लगाएं। जानिए कैसे काम करती है यह सटीक तकनीक।
स्किन कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए एआई आधारित नई स्मार्टफोन तकनीक बिना किसी अतिरिक्त लेंस के साधारण स्मार्टफोन से होगी सटीक जांच 98.9 प्रतिशत सटीकता के साथ सॉफ्टवेयर संदिग्ध निशानों की पहचान करेगा
दुनियाभर में बढ़ते स्किन कैंसर के मामलों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है, जहाँ हर साल 15 लाख से अधिक नए मामले सामने आते हैं। कैंसर के इलाज में सबसे बड़ी चुनौती इसकी समय पर पहचान न हो पाना है, क्योंकि अक्सर लोग त्वचा पर होने वाले बदलावों को नजरअंदाज कर देते हैं। इसी समस्या के समाधान के रूप में एक क्रांतिकारी एआई आधारित स्मार्टफोन तकनीक विकसित की गई है, जो अब किसी भी व्यक्ति को अस्पताल जाए बिना मिनटों में स्किन कैंसर की जांच की सुविधा देगी।
इस तकनीक को ब्रिटेन की हेल्थकेयर कंपनी स्किन एनालिटिक्स ने तैयार किया है। इसे हजारों मेडिकल तस्वीरों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है, जिससे यह तिल, धब्बों और घावों में कैंसर जैसे संदिग्ध पैटर्न को आसानी से पहचान सकता है। पूर्व में इस तकनीक के 'ड्रेम जीरो' (Derm Zero) वर्जन के जरिए 2.3 लाख से अधिक मरीजों की जांच की जा चुकी है, जिसमें लगभग 20,000 कैंसर के मामलों की पुष्टि हुई थी।
इस नई तकनीक की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें किसी महंगे कैमरे या अतिरिक्त लेंस की आवश्यकता नहीं है, जो इसे आम जनता के लिए सुलभ बनाती है। यदि सॉफ्टवेयर किसी स्थान पर कैंसर की आशंका पाता है, तो वह उसे तुरंत आगे की चिकित्सीय जांच के लिए चिन्हित कर देता है। कंपनी का दावा है कि इस सॉफ्टवेयर की सटीकता 98.9 प्रतिशत है, जो मरीजों को समय रहते उचित उपचार दिलाने में एक बड़ी भूमिका निभा सकती है।
pooja