रिश्वत लेते दो आरोपी गिरफ्तार, विजिलेंस का ट्रैप सफल ₹5 लाख की सहायता के बदले मांगे ₹1 लाख, रंगे हाथ पकड़े गए
नूंह में विजिलेंस टीम ने सरकारी योजना के तहत सहायता दिलाने के नाम पर रिश्वत लेते दो आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है
■ नूंह में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत लेते 2 आरोपी गिरफ्तार
■ ₹5 लाख की सरकारी सहायता दिलाने के बदले मांगे ₹1 लाख
■ ट्रैप लगाकर ₹50 हजार लेते रंगे हाथ दबोचा, एक आरोपी नेता का बेटा बताया जा रहा
■ सरकारी योजना में रिश्वत का खेल बेनकाब, विजिलेंस ने रंगे हाथ पकड़े आरोपी
हरियाणा के नूंह जिले में विजिलेंस विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये दोनों आरोपी एक महिला को दीनदयाल परिवार सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली ₹5 लाख की आर्थिक सहायता दिलाने के बदले ₹1 लाख की रिश्वत मांग रहे थे।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला के पति का निधन हो चुका था, जिसके बाद वह इस योजना के तहत सहायता राशि की पात्र थी। 12 मार्च को उसके खाते में ₹5 लाख की राशि भी आ गई थी, लेकिन इसके बाद आरोपी लगातार उससे रिश्वत देने का दबाव बना रहे थे।
महिला ने परेशान होकर विजिलेंस विभाग में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई और बड़कली चौक स्थित सलीम होटल में ट्रैप लगाया।जैसे ही आरोपियों ने महिला से ₹50 हजार की पहली किस्त ली, विजिलेंस टीम ने तुरंत दबिश देकर दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। टीम ने रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव बिसरू निवासी तरुण कुमार और गिर्राज के रूप में हुई है। तरुण कुमार एक सीएससी संचालक है और उसे एक भाजपा नेता का बेटा बताया जा रहा है, जबकि गिर्राज इस मामले में बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था।
विजिलेंस टीम ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तरह के और कितने मामलों में इनकी संलिप्तता रही है।
इस कार्रवाई के बाद जिले में हड़कंप मच गया है और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
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