अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी नवदीप सिंह का गांव जलमग्न, स्टेडियम और स्कूल डूबे पानी में
हरियाणा के पानीपत जिले के बुआना लाखू गांव में पानी घुस गया है। पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता नवदीप सिंह का गांव जलभराव से प्रभावित हुआ है। स्टेडियम और स्कूल जलमग्न हो गए हैं, जिससे खिलाड़ियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
➤ बुआना लाखू गांव में पानी घुसने से स्टेडियम और स्कूल जलमग्न
➤ गांव के ही पैरालंपिक स्वर्ण विजेता नवदीप सिंह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर चुके
➤ नवदीप की प्रेरक यात्रा बनी संघर्ष और जीत की मिसाल
हरियाणा के पानीपत जिले के बुआना लाखू गांव में भारी बारिश और जलभराव के चलते हालात बिगड़ गए हैं। पानी गांव की गलियों से होते हुए सीधे स्टेडियम और स्कूल तक पहुंच गया है, जिससे खिलाड़ियों और विद्यार्थियों की दिनचर्या बाधित हो गई है। यह वही गांव है जिसने भारत को पैरालंपिक इतिहास का स्वर्ण पदक विजेता नवदीप सिंह दिया।
नवदीप सिंह मालिक, जो कि पैरालंपिक जेवलिन थ्रो F41 श्रेणी में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीत चुके हैं, इसी गांव के रहने वाले हैं। महज 4 फुट 4 इंच कद की चुनौती के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और खेल जगत में ऊँचाइयों को छुआ। 2017 के एशियन यूथ पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी यात्रा शुरू की और उसके बाद लगातार राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चमक बिखेरी।
2024 पेरिस पैरालंपिक में उन्होंने 47.32 मीटर की थ्रो कर सिल्वर मेडल हासिल किया, लेकिन बाद में ईरानी खिलाड़ी के अयोग्य घोषित होने पर यह पदक स्वर्ण में तब्दील हो गया। नवदीप की यह जीत भारत के सर्वश्रेष्ठ पैरालंपिक प्रदर्शन (29 मेडल, जिनमें 7 गोल्ड) का हिस्सा बनी।
नवदीप का जीवन हर किसी के लिए प्रेरणा है। बचपन में उन्हें कद को लेकर ताने सुनने पड़े, लेकिन उनके पिता (राष्ट्रीय स्तर के पहलवान) और परिवार ने हौसला दिया। मेहनत और जज्बे से उन्होंने साबित किया कि विकलांगता बाधा नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत हो सकती है।
खेलों के साथ-साथ नवदीप वर्तमान में आयकर विभाग में निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं और उनकी तैनाती बेंगलुरु में है। उन्हें नीरज चोपड़ा के मार्गदर्शन और पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात ने भी अतिरिक्त हौसला दिया।
आज जब उनका गांव जलभराव से जूझ रहा है, तब लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि जिस मिट्टी ने भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वर्ण विजेता दिया, वहां के खिलाड़ियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव क्यों है? गांव के लोग प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि जल्द से जल्द जलभराव हटाकर स्टेडियम और स्कूल को दुरुस्त किया जाए, ताकि युवा खिलाड़ी अभ्यास जारी रख सकें।