मोनू राठधाना को बडोली ने समर्थकों सहित ज्वाइन कराई भाजपा

सोनीपत के गांव राठधाना में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली ने मोनू राठधाना को पार्टी की सदस्यता दिलाई। कार्यक्रम में कई विधायक मौजूद रहे। बडोली ने राहुल गांधी और विपक्ष पर जमकर हमला बोला।

मोनू राठधाना को बडोली ने समर्थकों सहित ज्वाइन कराई भाजपा


प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली और कई बीजेपी विधायक रहे कार्यक्रम में मौजूद
बडोली ने राहुल गांधी, तेजस्वी और विपक्ष पर बोला तीखा हमला


सुशील मोर

हरियाणा की राजनीति में रविवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। सोनीपत के गांव राठधाना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मोनू राठधाना ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली ने पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर विधायक कृष्ण गहलावत, पवन खरखोदा और निखिल मदान भी मौजूद रहे।

मोनू राठधाना पर हत्या और रंगदारी मांगने जैसे कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं और फिलहाल वह हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर है। बावजूद इसके बीजेपी नेतृत्व ने उसे पार्टी में शामिल किया। इस कदम को लेकर स्थानीय और प्रदेश राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली ने मीडिया से बातचीत में विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को गाली देना देश की हर मां का अपमान है। बडोली ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि "राहुल गांधी अमीर मां के बेटे हैं, सोने की चम्मच लेकर पैदा हुए, जबकि नरेंद्र मोदी गरीब मां के बेटे हैं और कभी अपशब्दों का प्रयोग नहीं किया।"

बडोली ने विपक्ष के भारत बंद और बिहार विवाद को लेकर भी जवाबी हमला बोला और कहा कि कांग्रेस और सहयोगी दल जनता को गुमराह कर रहे हैं। अमेरिका टैरिफ पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी किसी भी कीमत पर देश विरोधी समझौता नहीं करेंगे। चीन के साथ बढ़ते व्यापार को लेकर उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों से लोगों की भलाई के लिए व्यापार होना जरूरी है और मोदी सरकार वही कर रही है।

जीएसटी संशोधन पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बयान का जवाब देते हुए बडोली ने कहा कि आज देश में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस ने ऐसा कभी नहीं किया। पोर्टल को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर भी उन्होंने कहा कि किसान अब खुद अपनी फसल का ब्यौरा दर्ज कर सकते हैं और अधिकारी सीधे किसानों से जुड़ रहे हैं।