भूमि नीलामी में घोटाला उजागर, लाखों की हेराफेरी के मामले में दो पंचायत सचिव और सरपंच पर गिरेगी गाज
मनाना ग्राम पंचायत में भूमि नीलामी घोटाले की जांच में 7.5 लाख रुपए की हेराफेरी सामने आई है। सरपंच व ग्राम सचिव दोषी पाए गए हैं। ग्राम सचिव पर निलंबन की सिफारिश हुई है।
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मनाना पंचायत भूमि नीलामी में गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि
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7.5 लाख रुपए की हेराफेरी, सरपंच और ग्राम सचिव दोषी
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ग्राम सचिव को निलंबित करने की सिफारिश, विभागीय कार्रवाई तय
ग्राम पंचायत मनाना में भूमि नीलामी प्रक्रिया के दौरान गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जिला परिषद, पानीपत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर ग्राम सचिव मनाना के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की है। यह अनुशंसा हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के तहत की गई है।
मामला विकास एवं पंचायत विभाग, हरियाणा चंडीगढ़ द्वारा जारी उस पत्र के संदर्भ में सामने आया है, जिसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि प्रत्येक नीलामी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई जाए और उसे ग्राम पंचायत व विभागीय वेबसाइट पर अपलोड किया जाए। जांच में पाया गया कि ग्राम सचिव द्वारा न तो नीलामी की पूरी जानकारी प्रस्तुत की गई और न ही प्रस्तावित भूमि को नियमानुसार बोली पर छोड़ा गया।
जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि ग्राम सचिव सहजाद अली ने सरकारी आदेशों की अवहेलना की। जांच के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। उच्चाधिकारियों को गुमराह करने और कर्मचारियों से जांच के दौरान अभद्र व्यवहार करने के आरोप भी दर्ज किए गए। रिपोर्ट में हरियाणा सिविल सेवा नियम 2016 के तहत नियम-7 के अंतर्गत निलंबन की सिफारिश की गई है।
शिकायत का संज्ञान लेते हुए डीडीपीओ राजेश शर्मा ने बीडीपीओ समालखा को जांच सौंपी थी। जांच में सामने आया कि सरपंच रेखा देवी द्वारा शामलात भूमि के पट्टे पर दी गई जमीन की बोली की राशि समय पर पंचायत खाते में जमा नहीं कराई गई। यह राशि कई महीनों बाद जमा की गई।
जांच में यह भी पुष्टि हुई कि प्लॉट नंबर 15 और 42 की बोली सरपंच द्वारा अपने चहेते लोगों को दिखाई गई। इन दोनों प्लॉटों से संबंधित लगभग 7.5 लाख रुपए की राशि पंचायत के किसी भी खाते में जमा नहीं की गई। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी के आदेश पर हुई जांच में 7.5 लाख रुपए की हेराफेरी की पुष्टि की गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सरपंच और ग्राम पंचायत मनाना ने पंचायत की राशि अपने पास रखी और समय पर सरकारी खजाने में जमा नहीं करवाई। रिकॉर्ड और बयानों के अवलोकन से प्रथम दृष्टया शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए गए हैं। हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 के तहत पंचायत फंड अपने पास रखकर सरकार और पंचायत को वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि इस मामले को लेकर पहले भी खंड कार्यालय स्तर पर नोटिस जारी किए जा चुके थे, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके चलते जिला परिषद ने कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद पानीपत ने रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को आगामी कार्रवाई के लिए भेज दी है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मनाना गांव की सरपंच प्रतिनिधि प्रवीन ने कहा कि अभी कोई आधिकारिक चिट्ठी प्राप्त नहीं हुई है। उनके अनुसार पूरी राशि जमा करवा दी गई है। चिट्ठी मिलने के बाद विभाग को जवाब दिया जाएगा।
Akhil Mahajan