350 किलो वजन उठाकर डेडलिफ्ट राउंड के बाद बाडी बिल्डर को अचानक उठा सीने में दर्द और मौ*त........
लुधियाना में पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता के दौरान 28 वर्षीय पावरलिफ्टर सुखवीर सिंह की हार्ट अटैक से मौत हो गई। जीत के बाद तबीयत बिगड़ी और अस्पताल पहुंचने से पहले निधन हुआ।
लुधियाना पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में खिलाड़ी की हार्ट अटैक से मौत
प्रतियोगिता जीतने के कुछ मिनट बाद बिगड़ी तबीयत, अस्पताल पहुंचने से पहले निधन
बलाचौर में नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई, खेल जगत में शो
पंजाब के लुधियाना में आयोजित पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे 28 वर्षीय पावरलिफ्टर सुखवीर सिंह की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मंगलवार को उनके पैतृक क्षेत्र बलाचौर में नम आंखों के बीच अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के दौरान उन्हें लाल पगड़ी और ऐनक पहनाकर श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में नेता, खेल प्रेमी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
सुखवीर सिंह मूल रूप से नवांशहर जिले के बलाचौर के पास स्थित गांव बल्लोवाल के रहने वाले थे। वर्तमान में वह लुधियाना में रह रहे थे। बलाचौर में मेहंदीपुर रोड पर उनका ब्लूज नाम से जिम था। वह एक सक्रिय पावरलिफ्टर होने के साथ-साथ फिटनेस ट्रेनर भी थे।
जानकारी के अनुसार, सुखवीर सिंह रविवार को लुधियाना के सलेम टाबरी इलाके में अंबेडकर भवन में आयोजित पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचे थे। प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने पहले 150 किलो की बेंच प्रेस सफलतापूर्वक पूरी की। इसके बाद उन्होंने 350 किलो वजन उठाकर डेडलिफ्ट राउंड भी जीत लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लिफ्ट पूरी करने के कुछ ही देर बाद सुखवीर ने सीने में तेज दर्द की शिकायत की। तबीयत बिगड़ने पर वह आराम करने के लिए अपनी कार की ओर बढ़े, लेकिन बैठने से पहले ही बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़े। उनके गिरते ही वहां मौजूद खिलाड़ियों और दर्शकों में अफरा-तफरी मच गई।
साथियों ने उन्हें तुरंत लुधियाना के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, मौत की प्राथमिक वजह कार्डियक अरेस्ट मानी जा रही है।
सुखवीर सिंह की अचानक मौत से पंजाब की फिटनेस और खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर खिलाड़ी, ट्रेनर और फैंस उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। वह नियमित रूप से जिम में वर्कआउट के वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा करते थे।
बलाचौर के जिम संचालक विक्की कैंथ ने बताया कि सुखवीर का स्वभाव बेहद शांत और सकारात्मक था। वह जरूरतमंद लोगों से कभी पैसे नहीं लेते थे और नए युवाओं को आगे बढ़ने के मौके देते थे। उनके अनुसार, सुखवीर के जाने से पूरे क्षेत्र को अपूरणीय नुकसान हुआ है।
सुखवीर सिंह का इंस्टाग्राम अकाउंट ‘सुख फिटनेस’ के नाम से था, जिस पर 55 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स थे। प्रोफाइल में उन्होंने खुद को फिटनेस ट्रेनर बताया था और अपनी उपलब्धियों का जिक्र किया था।
Akhil Mahajan